ट्रंप परिवार की कंपनी में यूएई निवेश पर विवाद, डेमोक्रेट सांसदों ने उठाए सवाल

वाशिंगटन, 24 जून . अमेरिकी संसद के डेमोक्रेट सांसदों ने President डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाया है कि उन्होंने विदेशी वित्तीय हितों को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में दखल देने की इजाजत दी. उनका दावा है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ट्रंप परिवार के क्रिप्टोकरेंसी व्यवसाय में भारी निवेश करने के बाद प्रशासन से कई अनुकूल फैसले हासिल किए.

एलिजाबेथ वॉरेन की अगुवाई वाली संसद की बैंकिंग, हाउसिंग और शहरी मामलों की समिति के सदस्यों ने एक रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि यूएई से जुड़े अधिकारियों और संस्थाओं ने अमेरिकी प्रशासन से नीतिगत फायदे मिलने से पहले ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ (डब्ल्यूएलएफ) में करोड़ों डॉलर का निवेश किया था. डब्ल्यूएलएफ एक क्रिप्टोकरेंसी कंपनी है, जिसे ट्रंप और उनके बेटों ने शुरू किया था.

रिपोर्ट का दावा है कि प्रशासन ने कम से कम 10 ऐसे निर्णय लिए, जिनसे यूएई को फायदा हुआ. इनमें एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स, विदेशी निवेश की मंजूरी, हथियारों की बिक्री और क्रिप्टोकरेंसी विनियमन से जुड़े उपाय शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन घटनाक्रमों से हितों के टकराव और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा होती हैं.

एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा, “अमेरिकी परिवार अपनी नौकरियों, किराने के सामान की बढ़ती कीमतों और बिलों के भुगतान को लेकर चिंतित हैं. वहीं दूसरी ओर, President ट्रंप ऐसे फैसलों से मुनाफा कमा रहे हैं, जिनसे चीन जैसे देशों के लिए हमारी कुछ सबसे संवेदनशील और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक पहुंचना आसान हो जाता है.”

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को हिम्मत दिखानी होगी. हम अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा को सबसे ऊंची बोली लगाने वाले के हाथों नहीं बेच सकते.

रिपोर्ट के अनुसार, यूएई से जुड़े अधिकारियों और संस्थाओं ने ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह से चार दिन पहले डब्ल्यूएलएफ में लगभग 50 करोड़ डॉलर का निवेश किया और कंपनी का लगभग आधा हिस्सा हासिल कर लिया. बताया जाता है कि इस निवेश को यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान का समर्थन प्राप्त था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समझौते से ट्रंप परिवार की संस्थाओं को कम से कम 18.7 करोड़ डॉलर और ट्रंप के मध्य-पूर्व दूत और डब्ल्यूएलएफ के सह-संस्थापक स्टीव विटकॉफ के परिवार को कम से कम 3.1 करोड़ डॉलर का फायदा हुआ.

डेमोक्रेट सांसदों ने यूएई एनएसए की ओर से नियंत्रित निवेश फर्म ‘एमजीएक्स’ से जुड़े लेन-देन पर भी सवाल उठाए. रिपोर्ट के अनुसार, एमजीएक्स ने डब्ल्यूएलएफ की ओर से लॉन्च किए गए स्टेबलकॉइन ‘यूएसडी1’ का इस्तेमाल करके क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘बाइनेंस’ में 2 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस लेन-देन से ट्रंप से जुड़े उद्यम के मूल्य में तेजी से बढ़ोतरी हुई.

रिपोर्ट में शेख तहनून की अबू धाबी स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ‘जी-42’ का भी जिक्र है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने पहले जी-42 के चीनी कंपनियों, विशेष रूप से हुआवेई और बीजिंग जीनोमिक्स इंस्टीट्यूट के साथ कारोबारी संबंधों को लेकर चिंता जताई थी. आरोप लगाया गया है कि इन चिंताओं के बावजूद प्रशासन ने कई ऐसे फैसले लिए, जिनसे यूएई की टेक्नोलॉजी से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं को फायदा पहुंचा.

इन फैसलों में अमेरिकी एआई चिप बनाने वाली कंपनी सेरेब्रस में जी-42 के निवेश को मंजूरी देना, एडवांस्ड एआई चिप के एक्सपोर्ट पर बाइडेन के समय की पाबंदियों को हटाना, यूएई के लिए 1.4 अरब डॉलर के हथियारों के पैकेज को मंजूरी देना और ऐसे समझौते करना शामिल है, जिनसे देश को बड़ी मात्रा में एडवांस्ड अमेरिकी सेमीकंडक्टर मिल सकें.

रिपोर्ट में बाइनेंस के खिलाफ सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के मुकदमे को खत्म करने, बाइनेंस के फाउंडर चांगपेंग झाओ को President की ओर से माफी मिलने और जी-42 को 35,000 एडवांस्ड एनवीडिया ब्लैकवेल चिप्स खरीदने की मंजूरी मिलने का भी जिक्र है.

डीसीएच/