बाल यौन शोषण के अपराधी पाकिस्तानी शबीर अहमद की वापसी पर विवाद, इस्लामाबाद की शर्तों से ब्रिटेन नाराज

इस्लामाबाद, 17 जुलाई . इस्लामाबाद, Pakistan में जन्मे शबीर अहमद को वापस लेने से इनकार कर रहा है. शबीर अहमद रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का सरगना था और उसे बच्चों से बलात्कार के 30 मामलों में दोषी पाए जाने के बाद 22 साल की सजा सुनाई गई थी.

इस हफ्ते की शुरुआत में ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने संकेत दिया था कि अगर Pakistan इस यौन अपराधी को वापस लेने से इनकार करता है, तो ब्रिटिश Government उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. मंत्री कूपर ने कहा कि Government ‘सभी संभव तरीकों’ का इस्तेमाल करने पर विचार करेगी.

हाउस ऑफ कॉमन्स की विदेश मामलों की समिति के सामने बोलते हुए कूपर ने कहा कि ब्रिटेन Government कई देशों को विदेशी अपराधियों को वापस लेने के लिए राजी करने में सफल रही है. इसके लिए उन देशों पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दी गई थी.

‘डेली मेल’ में देखे गए हालिया आंकड़ों के अनुसार, ‘टेलीग्राफ’ ने रिपोर्ट किया है कि Pakistan को अगले तीन वर्षों में 155 मिलियन पाउंड की विदेशी सहायता मिलेगी.

Pakistan के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने Thursday को सार्वजनिक रूप से कहा कि Pakistan Government रोचडेल ग्रूमिंग गैंग के सरगना अहमद को वापस नहीं लेगी.

रिपोर्टों के अनुसार, Pakistan अहमद को स्वीकार करने से इनकार कर रहा है और बदले में ब्रिटेन से दो Political विरोधियों को उसके हवाले करने की मांग कर रहा है.

अहमद ने जेल में 14 साल बिताए और जुलाई की शुरुआत में रिहा हुआ. उसकी ब्रिटिश नागरिकता खत्म कर दी गई थी, लेकिन फिर भी उसे Pakistan नहीं भेजा जा सकता क्योंकि 1971 के इमिग्रेशन एक्ट में 55 साल पुराना एक नियम है. यह नियम उन लोगों को सुरक्षा देता है जो 1973 से पहले ब्रिटेन आए थे और वहां कम से कम पांच साल तक रहे थे.

2012 में उसे 22 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी और 2016 में उसका ब्रिटिश पासपोर्ट रद्द कर दिया गया था, ताकि रिहाई के बाद उसे देश से बाहर भेजा जा सके. जबकि, पीड़ितों से वादा किया गया था कि उसे ब्रिटेन से निर्वासित कर दिया जाएगा.

ब्रिटेन में संगठित बाल यौन शोषण पर एक निजी फंड से तैयार की गई 219 पन्नों की संसदीय जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई दशकों में कम से कम 2.5 लाख लड़कियां और संभवतः इससे भी ज्यादा बच्चे गैंग रेप, मानव तस्करी, यातना और जबरन गर्भधारण जैसी घटनाओं के शिकार हुए.

रिपोर्ट में कहा गया कि इन अपराधों के आरोपियों में बड़ी संख्या Pakistanी मुस्लिम पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों की थी, जबकि इन्हें रोकने में नाकाम रहने वाली संस्थाएं मुख्य रूप से ब्रिटिश राज्य की थीं.

एवाई/एबीएम