देशभर में 10,389 किलोमीटर के नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर आवंटित; 4,809 किलोमीटर पर निर्माण पूरा: केंद्र

New Delhi, 23 जुलाई . देशभर में अब तक 10,389 किलोमीटर के नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स आवंटित की जा चुके हैं. इनमें से 4,809 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 5,580 किलोमीटर लंबाई के प्रोजेक्ट्स पर कार्य जारी है. यह जानकारी Government की ओर से संसद में दी गई.

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि Government ने सभी निर्माणाधीन नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट्स की नियमित समीक्षा के लिए प्रोजेक्ट, राज्य और केंद्र स्तर पर एक समन्वित व्यवस्था बनाई है. इसमें संबंधित राज्य Governmentों सहित सभी पक्षकारों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है.

Union Minister द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, Rajasthan में नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे की सबसे अधिक 1,340 किलोमीटर लंबाई के प्रोजेक्ट्स आवंटित किए गए हैं. इनमें से 1,192 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 148 किलोमीटर पर काम चल रहा है.

अन्य प्रमुख राज्यों में पंजाब शामिल है, जहां 923 किलोमीटर लंबाई के प्रोजेक्ट्स आवंटित किए गए हैं, जिनमें 774 किलोमीटर पर निर्माण कार्य जारी है.

वहीं, आंध्र प्रदेश में 893 किलोमीटर लंबाई के प्रोजेक्ट्स आवंटित किए गए हैं, जिनमें 308 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है और 585 किलोमीटर पर काम जारी है. उत्तर प्रदेश में 884 किलोमीटर लंबाई के प्रोजेक्ट्स आवंटित किए गए हैं, जिनमें 388 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 496 किलोमीटर पर कार्य चल रहा है. Haryana में 839 किलोमीटर लंबाई के प्रोजेक्ट्स आवंटित किए गए हैं, जिनमें से 615 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है.

इसके अलावा, Gujarat में आवंटित 764 किलोमीटर कॉरिडोर नेटवर्क में से 605 किलोमीटर का निर्माण पूरा किया जा चुका है.

प्रोजेक्ट्स के तेजी से क्रियान्वयन के लिए Government ने कई कदम उठाए हैं. इनमें ‘भूमि राशि’ पोर्टल और जीआईएस आधारित भूमि अधिग्रहण योजनाओं के जरिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाना तथा ‘परिवेश’ पोर्टल को उन्नत कर पर्यावरण और वन संबंधी मंजूरियां तेजी से उपलब्ध कराना शामिल है.

Government ने रेलवे से रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) के लिए जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग (जीएडी) की ऑनलाइन स्वीकृति की व्यवस्था भी शुरू की है. साथ ही, राज्य Governmentों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं का समाधान किया जा रहा है.

Government के अनुसार, निरंतर निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण देशभर में नेशनल हाइवे , हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स के कार्यान्वयन में तेजी आई है.

एबीएस