
New Delhi, 21 अगस्त . India और नेपाल के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर 14वीं नेपाल-India संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक का आयोजन 20 और 21 अगस्त को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुआ.
India में नेपाली दूतावास की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, इस बैठक में नेपाल के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफले ने किया. वहीं, भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी बसु ने किया.
नेपाल Government की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि बॉर्डर मैनेजमेंट पर नेपाल-इंडिया जॉइंट वर्किंग ग्रुप की 14वीं मीटिंग देहरादून, India में सफलतापूर्वक हुई. मीटिंग में मार्च 2025 में नेपाल के पोखरा में हुई 13वें जेडब्ल्यूजी में लिए गए फैसलों को लागू करने की समीक्षा की गई.
गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया, “सीमा पार से जुड़े अपराध, मादक पदार्थ, प्रतिबंधित और नियंत्रित दवाएं, वन्यजीव और मानव तस्करी, जाली मुद्रा, हथियार-गोला बारूद जैसे अपराधों सहित अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए दोनों देशों की एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय और रियल-टाइम सूचना आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर दिया गया. नेपाली पक्ष ने साइबर अपराध और सीमा पार डिजिटल धोखाधड़ी जैसी नई सुरक्षा चुनौतियों का मुद्दा भी उठाया.”
नेपाली गृह मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, बैठक में सीमा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ. इसमें दशगजा क्षेत्र में अतिक्रमण और अनधिकृत उपयोग पर रोक, एकीकृत जांच चौकियों का पूर्ण संचालन एवं उपयोग और परस्पर विधिक सहायता जैसे विषय शामिल रहे.
साझा जानकारी के अनुसार, बैठक में दोनों देशों के नागरिकों की सीमा पार आवाजाही को सुगम बनाने, नेपाल-India सीमा चौकियों से आने-जाने वाले तीसरे देशों के नागरिकों की सुविधा तथा निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने, आपदा प्रबंधन और नेपाल-India जिला स्तरीय समन्वय समिति को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई.
दोनों पक्ष सीमा क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों पर आधुनिक और नवीनतम प्रौद्योगिकी के उपयोग से सुरक्षा निगरानी बढ़ाने पर सहमत हुए. इसमें निगरानी कैमरे जैसे आधुनिक उपकरण शामिल हैं. कार्यदल की अगली बैठक नेपाल में दोनों पक्षों की सुविधानुसार तय तारीख पर आयोजित करने पर सहमति बनी.
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एबीएम
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