तरुण तेजपाल को अवार्ड देने वाली कांग्रेस अब चुप क्यों : सुधांशु त्रिवेदी

New Delhi, 13 अगस्त . भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने Thursday को भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विवादास्पद पत्रिका ‘तहलका’ और कांग्रेस के बीच संबंधों पर सवाल उठाए. उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ के ताजा फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप क्यों है.

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “अभी हाल ही में विवादास्पद मैगजीन तहलका के एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल जी को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ के द्वारा 2013 के बलात्कार के एक आरोप में दोषी पाया गया और उन्हें 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई.”

उन्होंने कहा कि यह विषय आज इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इतने दिन बीत जाने के बाद भी कांग्रेस की तरफ से एक भी शब्द नहीं आया है. न किसी विपक्षी की तरफ से न अपने को नारी हितों के स्वयंभू अलंबरदार बताने वाले किसी भी संस्थान की तरफ से यह सुनाई पड़ा है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “यह दर्शाता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हो या नारी की प्रताड़ना हो, इस पर सोच कितनी एकांगी, एक पक्षी और पूर्वाग्रह ग्रस्त है.”

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “यह संभवतः इसलिए है क्योंकि यह वही बिजनेस हाउस है जिसने 2001 में एक विचित्र प्रकार का स्टिंग ऑपरेशन किया था.”

उन्होंने बताया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी की Government ने जस्टिस शैलेंदु नाथ फुकन की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया था तो स्टिंग करने वाले ग्रुप ने पूरे टेप्स को वेरीफाई करने के लिए देने से मना कर दिया था. इससे ज्यादा संदेह और नहीं उत्पन्न हो सकता.

सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि जब जांच आयोग की रिपोर्ट आ गई, तब तक Government बदल गई थी. कांग्रेस की Government ने उस जांच रिपोर्ट को सदन के पटल पर कभी नहीं रखा. भारतीय जनता पार्टी द्वारा बहुत विषय उठाने के बाद केवल उसकी समरी रिपोर्ट 41 पेज की सदन के पटल पर रखी गई और कभी रिपोर्ट रखी नहीं गई.

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और तरुण तेजपाल के संबंधों पर सीधे सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “आज जब वह अपराधी सिद्ध हो चुके हैं तो मैं याद दिलाना चाहता हूं कि इनका और कांग्रेस का क्या संबंध है.”

सुधांशु त्रिवेदी के अनुसार, “सोनिया गांधी, जो यूपीए के समय में सुप्रीम लीडर थीं. उन्होंने 25 से 27 दिसंबर 2004 को तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम साहब को पत्र लिखा कि साहब तहलका और इसके फाइनेंसर्स की किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं होनी चाहिए. उनके साथ सकारात्मक व्यवहार होना चाहिए. उनके साथ कोई अनफेयर ट्रीटमेंट नहीं होना चाहिए.”

उन्होंने कहा, “2010 में तत्कालीन लॉ मिनिस्टर वीरप्पा मोइली ने इनको जर्नलिज्म में एक्सीलेंस का अवार्ड दिया.” सुधांशु त्रिवेदी ने ने सवाल किया, “आज कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहते हैं कि आपकी Government ने जिसको एक्सीलेंस ऑफ जर्नलिज्म अवार्ड दिया, उसकी आज यह स्थिति है और आपके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा है.”

उन्होंने साल 2013 का हवाला देते हुए कहा, “दिग्विजय सिंह ने कहा कि इन्होंने एक बहुत शानदार काम किया कम्युनल फोर्सेस के अगेंस्ट फाइट करने में.”

साथ ही 2021 का हवाला देते हुए कहा, “जब तरुण तेजपाल लोअर कोर्ट से बरी होने में सफल हो गए थे, तो उन्होंने कांग्रेस पार्टी को धन्यवाद दिया था कि उन्होंने इस रेप केस में उनकी बहुत मदद की.”

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “अब मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं कि आप स्पष्ट रूप से बताएं कि आप दोनों के बीच में यह क्या संबंध था. मुझे लगता है इससे ज्यादा मीडिया और Governmentों को बदनाम करने का कोई प्रमाण India की राजनीति में नहीं हो सकता.”

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आज की स्थिति में इसका रेलेवेंस यह है कि यह स्थापित होता है कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से आपराधिक प्रवृत्ति के संदिग्ध लोगों को मीडिया में प्रयोग करके राष्ट्रवादी Governmentों के खिलाफ साजिश करती रहती है.

इसलिए भाजपा का कांग्रेस से सवाल है, “कांग्रेस ने अभी तक इस पर जवाब क्यों नहीं दिया?” प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, “राष्ट्रवाद के महामेरु पर वार बहुत ही हल्का था और राष्ट्रवाद को रोकने को साजिशों का तहलका था.” उन्होंने कहा, “कांग्रेस आज पूरी तरीके से एक्सपोज हो गई है.”