वंदे मातरम विधेयक पर कांग्रेस ने साधा निशाना, सुरेंद्र राजपूत बोले- यह पूरी तरह निरर्थक

Lucknow, 20 जुलाई . कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वंदे मातरम से जुड़े विधेयक पेश किए जाने पर कहा कि इस तरह का विधेयक लाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वंदे मातरम हर भारतीय की भावना और आत्मा में बसता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने हर छोटे-बड़े कार्यक्रम और अधिवेशन की शुरुआत वंदे मातरम से करती है.

राजपूत ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े संगठन पहले वंदे मातरम, राष्ट्रगान और तिरंगे के विरोध में रहे हैं. उन्होंने कहा, “आज भाजपा वंदे मातरम की बात कर रही है, लेकिन पहले यही लोग संविधान, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज को लेकर अलग रुख अपनाते रहे हैं. अब सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने के लिए ऐसे मुद्दों को आगे लाया जा रहा है.”

उन्होंने कहा कि देश के लोगों के दिलों में वंदे मातरम पहले से ही सम्मान के साथ मौजूद है और इसे Political मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं है.

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और छात्रों के मुद्दों पर बोलते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों की समस्याओं को उठा रहे हैं. कांग्रेस और उसके छात्र संगठन देशभर में छात्रों के अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हैं.

राजपूत ने कहा, “कोटा, देहरादून, प्रयागराज, Patna और देश के कई हिस्सों में कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता छात्रों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान छात्रों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रहे हैं. इसलिए उनका इस्तीफा होना चाहिए.”

उन्होंने आरोप लगाया कि Government लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही मांगों को नजरअंदाज कर रही है. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का आंदोलन भी जनहित के मुद्दों से जुड़ा है और Government को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि Government का रवैया नहीं बदला तो कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक आंदोलन तेज करेगी.

Madhya Pradesh Government द्वारा यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को मंजूरी दिए जाने पर भी सुरेंद्र राजपूत ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि India एक गणराज्य है और पूरे देश में संविधान लागू होता है. ऐसे में किसी एक राज्य द्वारा अलग से यूनिफॉर्म सिविल कोड लाना उचित नहीं है.

उन्होंने कहा, “अगर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना है तो केंद्र Government पूरे देश के लिए कानून लेकर आए. अलग-अलग राज्यों में अलग व्यवस्था बनाने का क्या औचित्य है? यह केंद्र का विषय है, राज्य Government का नहीं.”

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी Political और प्रशासनिक असफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के मुद्दे उठा रही है. उन्होंने कहा कि Madhya Pradesh में कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों पर अत्याचार तथा अन्य गंभीर मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन Government इन समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय Political एजेंडे को आगे बढ़ा रही है.

पीआईएम/एएस