वोटर लिस्ट से गलत तरीके से नाम न हटे, एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पहुंची कांग्रेस

Mumbai , 11 जून . कांग्रेस ने Maharashtra में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष अपनी चिंताएं व्यक्त कीं. Mumbai कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की और वोटर लिस्ट से नाम गलत तरीके से काटे जाने, समय-सीमा और प्रक्रिया की कमियों पर चर्चा की.

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, “बिल्कुल, यह डर है, इसलिए हमारे मन में जो शंकाएं थीं, वह हम समझाने के लिए आए थे. हमें विश्वास है कि वे इन मुद्दों पर काम करेंगे और हमारी शंकाओं को दूर करेंगे. एसआईआर की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होगी और अभी मैपिंग का काम चल रहा है. अभी तक सिर्फ 50-55 प्रतिशत बीएलओ नियुक्त किए गए हैं. बाकी नियुक्तियां कब पूरी होंगी, इस पर भी चर्चा हुई.

कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा कि पार्टी एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसके क्रियान्वयन के तरीके पर आपत्ति है. हम एसआईआर के खिलाफ नहीं हैं. एसआईआर होना चाहिए, लेकिन इसे तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही किया जाना चाहिए. यह प्रक्रिया पहले भी अपनाई गई है. कांग्रेस Government के दौरान भी कई बार ऐसा किया गया और इसे निष्पक्ष रूप से अंजाम दिया गया था. हमारी आपत्ति एसआईआर से नहीं, बल्कि इसे लागू करने के तरीके से है. हम वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं.

उन्होंने Mumbai जैसे महानगर की विशेष परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा, “रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की वजह से कुछ समय के लिए कहीं और रह रहे लोगों के नाम नहीं हटाए जाने चाहिए. जो लोग स्थायी रूप से चले गए हैं, उनके नाम नियमों के अनुसार हटाए जा सकते हैं. हमने समय-सीमा बढ़ाने की भी मांग की है, क्योंकि तय समय में हर वोटर तक पहुंचना, नोटिस देना और पूरी प्रक्रिया को ठीक से पूरा करना मुमकिन नहीं लग रहा है. दिया गया समय बहुत कम है.”

वर्षा गायकवाड़ ने बैठक के बाद कहा, “आज हमने मुख्य चुनाव अधिकारी चोकलिंगम से मुलाकात की और विस्तृत चर्चा की. एसआईआर एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है. हम पूरे देश में इस प्रक्रिया को देख रहे हैं. बिहार चुनाव और अन्य राज्यों में चुनाव के बाद भी यह चर्चा का विषय रहा है. हमारा कहना है कि जब अगले तीन वर्षों तक कोई चुनाव निर्धारित नहीं है तो ऐसी तात्कालिकता क्यों? India का संविधान प्रत्येक नागरिक को वोट देने का अधिकार देता है और किसी को भी इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. यह सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए.”

उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि वोटरों के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुधार किए जाएं. इस मुलाकात को लेकर Political हलकों में चर्चा तेज हो गई है.

डीकेपी