कांग्रेस की राजनीति परिवार केंद्रित, अखंड भारत कभी एजेंडा नहीं रहा: गौरव वल्लभ

New Delhi, 21 जून . भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) ट्रेड एग्रीमेंट, कर्नाटक कांग्रेस में Political नारों को लेकर उपजे विवाद, कांग्रेस पर Prime Minister Narendra Modi की टिप्पणी और पीएम मोदी-ट्रंप मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच social media पर हुई बहस पर प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने कहा कि भारत-ईयू व्यापार समझौता देश की अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील है, जबकि कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह हमेशा सत्ता को एक परिवार के हाथों में बनाए रखने की राजनीति करती रही है.

India और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते पर गौरव वल्लभ ने कहा कि यह अब तक की सभी व्यापारिक डीलों में सबसे बड़ी डील है. उन्होंने दावा किया कि India ने इससे पहले इतनी बड़ी ट्रेड डील कभी नहीं की. उनके अनुसार इस समझौते का प्रभाव दुनिया की लगभग 200 करोड़ आबादी पर पड़ेगा और वैश्विक जीडीपीके करीब 25 प्रतिशत हिस्से पर India और यूरोपीय संघ का प्रभाव रहेगा. उन्होंने कहा कि India और ईयू की संयुक्त अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 27 ट्रिलियन डॉलर है. इस समझौते से India के कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल, इंजीनियरिंग और हेवी इंजीनियरिंग को बड़ा फायदा मिलेगा. साथ ही यूरोपीय कंपनियों के लिए India का 140 करोड़ लोगों वाला विशाल उपभोक्ता बाजार खुलेगा.

वल्लभ ने कांग्रेस नीत यूपीए Government पर निशाना साधते हुए कहा कि यह समझौता उसके कार्यकाल में ही हो जाना चाहिए था, लेकिन उस समय लटकाने, भटकाने और अटकाने की संस्कृति के कारण यह संभव नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि वर्तमान Government ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया है और अगले वर्ष से भारतीय अर्थव्यवस्था को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगेगा. इसके साथ ही देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

कर्नाटक में Chief Minister के समर्थन में लगे Political नारों को लेकर कांग्रेस संगठन के भीतर पैदा हुए विवाद पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष और सत्ता की लड़ाई को उजागर करता है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या कोई कल्पना कर सकता है कि किसी Political दल का अध्यक्ष अपने ही Chief Minister के समर्थन में लगाए जा रहे नारों से नाराज हो जाए. उनके अनुसार ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि अध्यक्ष स्वयं Chief Minister बनने की इच्छा रखते हैं.

गौरव वल्लभ ने कांग्रेस की आंतरिक संरचना पर व्यंग्य करते हुए कहा कि आज कांग्रेस में तीन होल्डिंग कंपनियां हैं और उनकी एक सब्सिडियरी कंपनी है. उन्होंने कहा कि पहली होल्डिंग कंपनी ‘कांग्रेस एम’ यानी ‘कांग्रेस मम्मी’, दूसरी ‘कांग्रेस पी’ यानी ‘कांग्रेस प्रियंका’ और तीसरी ‘कांग्रेस आर’ यानी ‘कांग्रेस राहुल’ है, जबकि इन तीनों की सब्सिडियरी ‘कांग्रेस के’ यानी ‘कांग्रेस खड़गे’ है. उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि पार्टी का अध्यक्ष अपने ही Chief Minister के खिलाफ लगाए जा रहे नारों पर प्रतिक्रिया देता है और कार्यकर्ताओं को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देता है. उनके अनुसार यह कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रहे टकराव का स्पष्ट संकेत है.

Prime Minister Narendra Modi द्वारा कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों का समर्थन करते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस का एजेंडा कभी अखंड India नहीं रहा. उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की ऐसी सोच होती तो देश के विभाजन जैसी परिस्थितियों में वह निर्णयों पर सहमति नहीं देती. भाजपा नेता ने कहा कि Prime Minister ने सही कहा है कि कांग्रेस का प्रमुख उद्देश्य केवल नेहरू-गांधी परिवार के हाथों में सत्ता बनाए रखना रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को India की संस्कृति, सभ्यता, सोच और आम लोगों से कोई विशेष सरोकार नहीं है, बल्कि उसकी प्राथमिकता केवल सत्ता की चाबी परिवार के पास बनाए रखना है.

गौरव वल्लभ ने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने अपने ही कई योग्य नेताओं को लगातार हाशिए पर रखा. उनके अनुसार कांग्रेस पार्टी को केवल एक Political उपकरण की तरह इस्तेमाल किया गया, जिसका उद्देश्य परिवार की सत्ता को सुरक्षित रखना था.

पीएम मोदी और ट्रंप के बीच हुई मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच social media पर हुई बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि पवन खेड़ा विदेश नीति जैसे गंभीर विषय पर शशि थरूर जैसे अनुभवी नेता पर सवाल उठा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के कुछ नेताओं को शशि थरूर के विचारों से समस्या है तो उन्हें गांधी परिवार से सवाल पूछना चाहिए, क्योंकि गांधी परिवार इस मुद्दे पर मौन है. वल्लभ ने दावा किया कि गांधी परिवार की चुप्पी इस बात का संकेत है कि वह शशि थरूर के विचारों को स्वीकार करता है.

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें विदेश नीति पर टिप्पणी करने से पहले शशि थरूर से कोचिंग लेनी चाहिए. जो लोग विदेश नीति की गहरी समझ नहीं रखते, वे इस विषय पर बोलकर स्वयं को उपहास का पात्र बना लेते हैं.

/