
सहारनपुर, 26 मई . कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने Prime Minister के 12 साल के कार्यकाल पर निशाना साधा. उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, ऊर्जा और विदेश नीति जैसे मुद्दों को उठाते हुए केंद्र Government पर सवाल उठाए.
इमरान मसूद ने से कहा कि बीते 12 वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में 48.2 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में करीब 67.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने वित्त मंत्री के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि Government 1 लाख करोड़ रुपए का घाटा उठा रही है.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि आज देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक हो चुकी है और आम आदमी महंगाई से परेशान है. पिछले 12 साल में देश की व्यवस्था को कमजोर किया गया है. इमरान मसूद ने कहा कि पूर्व Prime Minister इंदिरा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी ने देश को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया था, वह सब खत्म कर दिया गया.
उन्होंने कहा कि आज बेरोजगारी चरम पर है और देश का नौजवान अपने भविष्य को लेकर चिंतित है. शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि गरीब परिवारों के बच्चों की पहुंच शिक्षा तक नहीं रह गई. उन्होंने कहा कि युवा नौकरी और शिक्षा दोनों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं.
India की वैश्विक ताकत को लेकर भी इमरान मसूद ने केंद्र को घेरा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इतिहास पढ़ा है, वे जानते हैं कि दुनिया में India की क्या पहचान रही है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब पंडित जवाहरलाल नेहरू अमेरिका गए थे, तब वहां के President खुद विमान के दरवाजे तक उन्हें रिसीव करने पहुंचे थे.
इमरान मसूद ने इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह विदेश दौरे पर गई थीं, तब बांग्लादेश मुद्दे को लेकर अमेरिका के तत्कालीन President रिचर्ड निक्सन से विवाद हो गया था. उन्होंने दावा किया कि इंदिरा गांधी बिना मुलाकात किए वहां से लौट आई थीं और उन्होंने निक्सन का फोन तक नहीं लिया था.
रिचर्ड निक्सन और इंदिरा गांधी के बीच विवाद का मुख्य कारण 1971 का बांग्लादेश मुक्ति संग्राम और शीत युद्ध के दौरान अमेरिका की Pakistan परस्त नीति थी.
कांग्रेस सांसद ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि Government आत्मनिर्भर India की बात करती है, लेकिन सबसे जरूरी क्षेत्र ऊर्जा में अब तक आत्मनिर्भरता हासिल नहीं हो सकी है.
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