कांग्रेस ने पेपर लीक के खिलाफ 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया

Bengaluru, 25 जून . कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने Thursday को देश की शिक्षा प्रणाली में कथित परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के खिलाफ 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की. उन्होंने एनडीए Government पर छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया.

Bengaluru के क्वींस रोड स्थित कृषि प्रौद्योगिकी संस्थान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गायकवाड़ ने कहा कि यह अभियान 25 जून से 9 अगस्त तक 28 राज्यों और 28 प्रमुख शहरों में चलेगा. यह पहल कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा हाल ही में शिक्षा संबंधी मुद्दों और नीट तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित चिंताओं पर किए गए जनसंपर्क प्रयासों के बाद शुरू की गई है.

गायकवाड़ ने कहा कि यह अभियान केवल प्रश्नपत्र लीक की छिटपुट घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि India की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त गहरे संकट को दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि छात्र असफल नहीं हो रहे हैं बल्कि शिक्षा मंत्रालय और एनडीए Government असफल हो रही हैं. उनकी नाकामियों के कारण लाखों छात्र भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं.

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा अनियमितताओं और भ्रष्टाचार ने छात्रों का शिक्षा प्रणाली पर से भरोसा हिला दिया है. इस अभियान के तहत, कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के सदस्य छात्रों से बातचीत करेंगे, पर्चे बांटेंगे और शिक्षा क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रिया जानेंगे.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों की चिंताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और Prime Minister के समक्ष उठाएगी और परीक्षा प्रणाली में सुधारों के लिए दबाव बनाएगी.

गायकवाड़ ने घोषणा की कि 1 अगस्त को छात्र यात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद 9 अगस्त को ‘चलो दिल्ली’ मार्च और राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा. उन्होंने कहा कि आगामी सत्र में छात्रों की आवाज संसद तक पहुंचाई जाएगी.

कांग्रेस सांसद ने तीन प्रमुख मांगें रखीं: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा अनियमितताओं के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, और प्रश्नपत्र तैयार करने और छपाई से लेकर परिवहन और परीक्षा संचालन तक, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार.

पेपर लीक की खबरों का हवाला देते हुए गायकवाड़ ने दावा किया कि पिछले एक दशक में लगभग 89 परीक्षाएं पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई परीक्षाएं दोबारा आयोजित करनी पड़ीं और रद्द भी करनी पड़ीं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनियमितताओं के कारण विभिन्न राज्यों में कई भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं.

एमएस/