कांग्रेस ने संसद को बना दिया है राजनीति का अखाड़ा : रोहन गुप्ता

Ahmedabad, 29 जुलाई . Lok Sabha में Wednesday को ‘एंटी-पेपर लीक बिल 2026’ ध्वनि मत से पारित हो गया. इस बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर 20 जुलाई को छात्रों से जुड़े प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के संबंध में गंभीर आरोप लगाए. राहुल के आरोपों पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि आरोप लगाने से पहले तथ्य और सबूत होने चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस ने संसद को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है.

से रोहन गुप्ता ने कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है. संसद में बिना तथ्यों के आरोप नहीं लगाए जा सकते. राहुल गांधी ने बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं. मुझे नहीं लगता कि संसद में ऐसी बातें कही जानी चाहिए. इतने गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्य और सबूत प्रस्तुत करने चाहिए.

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस ने संसद को राजनीति का अखाड़ा बना दिया है. लोकतंत्र में संसद नियमों से चलती है. आरोप लगाने से पहले तथ्यों को रखना चाहिए. संसद को ठप करना कांग्रेस का एकमात्र काम बन गया है. जनता देख रही है कि छात्रों के मुद्दे पर जो सत्र था, उसका कांग्रेस ने दुरुपयोग किया है.

राहुल गांधी के ‘संघ’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए रोहन गुप्ता ने कहा कि आजादी के बाद सबसे लंबे समय तक देश पर राज करने वाली पार्टी अब सिस्टम की शिकायत कर रही है. मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि इतने सालों तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने पेपर लीक रोकने वाला कानून क्यों नहीं बनाया? 2010 में एक बिल पेश किया गया था लेकिन वह कभी पास नहीं हुआ. Political इच्छाशक्ति की कमी थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में कानून क्यों नहीं बनाया और अब उसे लागू होने पर सवाल कैसे उठा सकते हैं? इस माफिया सिस्टम के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है.

रोहन गुप्ता ने कहा कि 12 साल बाद 2024 में पहली बार मोदी Government एंटी-पेपर लीक कानून लेकर आई. Government हाईपावर कमेटी बना रही है लेकिन कांग्रेस चर्चा से दूर भागती रही है. जनता कांग्रेस को माफ नहीं करेगी. कांग्रेस को आत्मचिंतन करने की जरूरत है. छात्रों के भविष्य के लिए जो भी करना होगा, हमारी Government करेगी. हमारे लिए छात्रों की सुरक्षा और उनका भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है. युवाओं के सपनों से कोई समझौता नहीं करेंगे और मोदी Government इस मामले में पूरी तरह अडिग है.

दूसरे राज्यों में पेपर लीक के मामले पर रोहन गुप्ता ने कहा कि दोहरे मापदंड नहीं हो सकते. पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना और Jharkhand में भी पेपर लीक के ऐसे ही मामले सामने आए हैं. उन राज्यों के लिए अलग पैमाना क्यों? जो लोग यहां इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और नैतिक जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं, वे उन राज्यों के मामलों में चुप क्यों हैं. यह पूरी तरह राजनीति और पाखंड है.

डीकेएम/पीएम