दिल्ली छात्र प्रदर्शन के दौरान केरल के मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ हिरासत में, कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की

New Delhi, 21 जुलाई . राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान केरल के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ को Tuesday शाम दिल्ली Police ने हिरासत में ले लिया. इस घटना के बाद छात्र आंदोलन ने नया Political मोड़ ले लिया, जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए.

पी.सी. विष्णुनाथ केरल से जुड़े विभिन्न परियोजनाओं के संबंध में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के लिए दिल्ली आए थे. आधिकारिक कार्यक्रम पूरा करने के बाद वह छात्रों के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन में शामिल हो गए.

प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए जब दिल्ली Police ने कार्रवाई शुरू की तो विष्णुनाथ समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विष्णुनाथ ने Police को कई बार बताया कि वह केरल Government में कार्यरत कैबिनेट मंत्री हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ Police बस में बैठाकर हिरासत में ले जाया गया.

Police बस के अंदर से मीडिया से बातचीत करते हुए विष्णुनाथ ने कहा कि यह आंदोलन जारी रहेगा और केंद्र Government को अंततः प्रदर्शनकारियों की मांगों के आगे झुकना पड़ेगा.

उन्होंने कहा, “यह Government इस आंदोलन के सामने पीछे हटने के लिए मजबूर होगी. यह देश के युवाओं के भविष्य की लड़ाई है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन और मजबूत होगा.”

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सात बार के Lok Sabha सांसद कोडिकुन्निल सुरेश को भी हिरासत में लिया गया. कांग्रेस सांसद डीन कुरियाकोस भी उन नेताओं में शामिल रहे, जिन पर Police ने कार्रवाई की.

छात्रों के समर्थन में आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन, केरल के कई सांसदों और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भी भाग लिया.

केरल Government के एक मौजूदा मंत्री की हिरासत के बाद इस आंदोलन को नया Political आयाम मिल गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दिल्ली Police शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है. पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा आंदोलन है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

डीएससी