
New Delhi, 29 अप्रैल . कांग्रेस ने Wednesday को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में आतंकवाद पर बयान देकर Pakistan को “शर्मनाक क्लीन चिट” दे दी. पार्टी ने उनके बयान को “राष्ट्रविरोधी” करार दिया.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ‘आरएमओ इंडिया’ ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर राजनाथ सिंह के बिश्केक में दिए गए संबोधन का वीडियो शेयर किया. इसमें कहा गया, “यह आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण था, जिसे इस मंच ने समर्थन दिया. लेकिन हमारी सामूहिक विश्वसनीयता की असली परीक्षा निरंतरता में है. हमें नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता और कोई धर्मशास्त्र नहीं होता. कोई भी वास्तविक या कथित शिकायत आतंकवाद और मानवीय क्षति का बहाना नहीं बन सकती.”
कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने राजनाथ सिंह के बयान का वीडियो क्लिप एक्स पर साझा करते हुए कहा, “कल रक्षा मंत्री ने, स्पष्ट रूप से Prime Minister की मंजूरी और उनके निर्देश पर, बिश्केक में बोलते हुए Pakistan को शर्मनाक क्लीन चिट दे दी.”
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या Pakistan आतंकवाद का केंद्र नहीं है? क्या Pakistan में India को निशाना बनाने वाले आतंकी कैंप नहीं हैं?”
जयराम रमेश ने कहा कि Pakistan को लेकर यह नया रुख Prime Minister की अमेरिका को खुश करने और चीन के सामने सुनियोजित समर्पण की नीति का हिस्सा है.
उन्होंने कहा, “क्या Pakistan में India विरोधी वैचारिक कट्टरता नहीं फैलाई जाती? क्या Mumbai और पहलगाम आतंकी हमलों की साजिश और क्रियान्वयन Pakistan से आए आतंकियों ने नहीं किया था?”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री का यह बयान उतना ही चौंकाने वाला और राष्ट्रविरोधी है, जितना 19 जून 2020 को Prime Minister द्वारा चीन को दी गई कथित क्लीन चिट थी.
उल्लेखनीय है कि राजनाथ सिंह ने Tuesday को बिश्केक में एससीओ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया कि आतंक के केंद्र अब उचित दंड से बच नहीं सकते.
उन्होंने कहा था, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है.”
साथ ही उन्होंने एससीओ देशों से राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को नजरअंदाज नहीं करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं अपनाने की अपील भी की थी.
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डीएससी
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