सोनम वांगचुक को हटाने पर कांग्रेस और वाम दलों का हमला, बोले- लोकतंत्र की आवाज दबा रही है सरकार

New Delhi, 18 जुलाई . दिल्ली Police द्वारा शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने को लेकर Political विवाद तेज हो गया है. कांग्रेस नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और वाम दलों ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए केंद्र Government की कड़ी आलोचना की है.

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने से कहा कि यह लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश है. यह बहुत दुखद है. इस देश में हर व्यक्ति को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है. जो व्यक्ति इतने दिनों से अनशन पर बैठा था, उससे बातचीत करने के बजाय Government ने उसे जबरन उठवा लिया. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने Lucknow में कहा कि भाजपा Government असंवेदनशीलता की सभी सीमाएं पार कर चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि Government किसी व्यक्ति की जायज मांगों को स्वीकार करने के बजाय उसे Police के जरिए जबरन हटवा रही है और छात्रों पर लाठीचार्ज करा रही है.

उन्होंने कहा, “भाजपा ने जिस तरह का तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाया है, वैसा अंग्रेजों ने भी नहीं अपनाया था. कांग्रेस ने हमेशा विरोध की आवाज का सम्मान किया है. जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे थे, तब हमने उन पर लाठीचार्ज नहीं कराया था, बल्कि उनकी मांगों को स्वीकार कर उनका अनशन खत्म कराया था.

सुरेंद्र राजपूत ने सवाल उठाते हुए कहा, “सोनम वांगचुक आखिर क्या मांग रहे हैं? कांग्रेस की मांग क्या है? केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा.

Political कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने भी दिल्ली Police की कार्रवाई की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई शर्मनाक, कायरतापूर्ण और गैरकानूनी है. Government सोनम वांगचुक को भले ही यहां से ले गई हो, लेकिन वह युवाओं और छात्रों के जज्बे को नहीं तोड़ सकती. युवाओं ने फैसला किया है कि उनका संघर्ष जारी रहेगा. अब अभिजीत दिपके ने अनशन की जिम्मेदारी संभाल ली है. Government को लगता है कि इससे 20 जुलाई का संसद मार्च रुक जाएगा, लेकिन युवाओं ने तय कर लिया है कि संसद मार्च हर हाल में होगा.”

उधर, सीपीआई (एम) की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने भी केंद्र Government पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिस तरह से सोनम वांगचुक को जबरन वहां से उठाकर ले जाया गया, उससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या देश में अब संविधान की जगह तानाशाही चलेगी.

उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर की जा रही है. वृंदा करात ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब देशभर में भूख हड़ताल की प्रक्रिया चलेगी.