
चंडीगढ़, 28 जुलाई . Haryana के Chief Minister नायब सिंह सैनी ने Tuesday को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) पर युवाओं के भविष्य के साथ समझौता करने का आरोप लगाया.
उन्होंने यह भी कहा कि India Government ने पेपर लीक के मामले को बहुत गंभीरता से लिया है.
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा, “Prime Minister Narendra Modi ने न केवल 2024 में पेपर लीक को रोकने के लिए कानून बनाया, बल्कि अब वे इसे और भी सख्त बनाने पर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सके.”
Chief Minister ने कहा कि विपक्ष के पास पीएम मोदी और भाजपा का विरोध करने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है. उन्होंने कहा कि सिर्फ दो दिन पहले, ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आत्मविश्वास के साथ कहा था कि अगर पंजाब में कोई पेपर लीक होता है, तो उनके शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे देंगे.
सीएम सैनी ने कहा, “आज, जब पंजाब में फार्मेसी परीक्षा के पेपर लीक हो गए हैं और छात्र विरोध कर रहे हैं तो मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल अपने एयर-कंडीशंड कमरों में आराम से चुप बैठे हैं.”
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में, युवाओं को “खर्ची-पर्ची” सिस्टम के कारण निष्पक्ष रोजगार के अवसरों से वंचित रखा गया और पेपर लीक की घटनाएं आम थीं.
उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व Prime Minister स्वर्गीय राजीव गांधी ने 1986 में Lok Sabha में इस मुद्दे पर चर्चा की थी, लेकिन इसे हल करने के लिए कोई ठोस कानून नहीं बनाया गया था.
Chief Minister ने आगे कहा कि जब पंजाब के लोग कांग्रेस से निराश हो गए तो केजरीवाल ने ईमानदार शासन का वादा करके उनका भरोसा जीता और Government बनाई.
उन्होंने कहा कि पंजाब में एक्साइज इंस्पेक्टरों की भर्ती में कथित अनियमितताएं जगजाहिर हैं, फिर भी राज्य Government ने कोई कार्रवाई नहीं की है.
सीएम सैनी ने केजरीवाल को चुनौती दी कि वे पंजाब के Chief Minister के साथ मिलकर एक श्वेत पत्र जारी करें, जिसमें यह बताया जाए कि उनकी Government के तहत दिल्ली और पंजाब में कितने वंचित बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर या भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बनने में मदद मिली है.
इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि Haryana Government ने पिछले 11 वर्षों में ‘मिशन बुनियाद’ और ‘मिशन 100’ के माध्यम से सरकारी स्कूलों के छात्रों को उनके सपने पूरे करने में सक्षम बनाया है, जिससे उन्हें आईआईटी, आईआईएम, एनईटी और नीट के लिए क्वालीफाई करने में मदद मिली है.
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए Chief Minister ने कहा कि पीएम मोदी ने नागरिकों से डीजल की खपत 20 प्रतिशत कम करने की अपील की थी. इसी सोच के अनुरूप, Haryana Government ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं. इनमें 30 लाख रुपए तक की कीमत वाले ईवी की खरीद पर 100 प्रतिशत टैक्स छूट और 30 लाख रुपए से ज्यादा कीमत वाले ईवी पर 50 प्रतिशत टैक्स छूट शामिल है.
उन्होंने कहा कि राज्य Government पूरे Haryana में चार्जिंग स्टेशन बनाकर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित कर रही है.
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एससीएच/डीकेपी
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