कमल नाथ और सिंधिया के बीच टकराव और बढ़ा · Indias News

कमल नाथ और सिंधिया के बीच टकराव और बढ़ा

भोपाल . मुख्यमंत्री कमल नाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच जारी उठापटक शुक्रवार को और बढ़ गई. सिंधिया ने शिक्षकों के समर्थन में अपनी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने का ऐलान किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भी सिंधिया पर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि घोषणापत्र पांच साल के लिए होता है न कि पांच महीनों के लिए. यही नहीं कमलनाथ ने शुक्रवार शाम दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात भी की.

आज मध्य प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति की मीटिंग होने वाली है. मीटिंग में कमल नाथ के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, दीपक बाबरिया, मीनाक्षी नटराजन और जीतू पटवारी शामिल होंगे. शुक्रवार को सोनिया से मुलाकात के दौरान कमलनाथ ने सिंधिया की ओर से राज्य सरकार पर किए गए हमले को लेकर खुलकर नाराजगी जाहिर की.

कमल नाथ ने पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात हुई है. उन्होंने कहा, ‘मैंने पार्टी अध्यक्ष को बताया कि हमारी सरकार प्रदेश में वचनपत्र के वादों को पूरा करने में कितनी सक्षम है. इस दौरान जब सिंधिया के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो कमल नाथ ने कहा, वचन पत्र पांच साल के लिए होता है, पांच महीने के लिए नहीं.

उन्होंने बताया कि सोनिया से मुलाकात के दौरान उनकी पंचायत चुनाव और नगर पालिका के चुनाव की तैयारियों और संगठन के मुद्दों पर भी बातचीत हुई.

सिंधिया को सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं

उधर, सिंधिया के कट्टर समर्थक माने जाने वाले परिवहन और राजस्‍व मंत्री गोविंद सिंह ने सिंधिया से कहा कि सिंधिया राज्य के नेता हैं और उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं है. मैं सिंधिया को सलाह दूंगा कि उन्हें प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री से मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गेस्ट टीचर्स को नियमित करने के लिए नियुक्त नहीं किया गया था.

सिंधिया ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के गांव में गेस्ट टीचर्स को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने कहा था कि मध्य प्रदेश में सरकार पार्टी के घोषणापत्र को पूरा लागू नहीं करती है तो अपनी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने में नहीं हिचकिचाएंगे.

सिंधिया ने कहा था, मेरे अतिथि शिक्षकों को मैं कहना चाहता हूं कि आपकी मांग मैंने चुनाव के पहले भी सुनी थी. मैंने आपकी आवाज उठाई थी और ये विश्‍वास मैं आपको दिलाना चाहता हूं कि आपकी मांग जो हमारी सरकार के घोषणापत्र में अंकित है वो घोषणापत्र हमारे लिए हमारा ग्रंथ है.

उन्होंने अतिथि शिक्षकों को सब्र रखने की सलाह देते हुए कहा था, अगर उस घोषणापत्र का एक-एक अंग पूरा न हुआ तो अपने को सड़क पर अकेले मत समझना. आपके साथ सड़क पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उतरेगा.


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