भारत-अमेरिका के मुकाबले हमारे लोगों से यूएई में सुलूक अच्छा नहीं हुआ: पाकिस्तानी सांसद का छलका दर्द

इस्लामाबाद, 20 अगस्त . Pakistan के सांसद और नेशनल असेंबली के पूर्व अध्यक्ष असद कैसर ने संसद में अपने नागरिकों की विदेशी जमीं पर अनदेखी का मुद्दा उठाया. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर आरोप लगाया कि उन्होंने Pakistanियों के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया.

पूर्व स्पीकर ने संसद सत्र के दौरान दिए गए अपने बयान की क्लिप social media प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की. उन्होंने Tuesday (18 अगस्त) को संसद में कहा, “जंग शुरू हुई तो हमारे लोगों के साथ सुलूक अच्छा नहीं हुआ. मैंने महसूस किया रवैया मुनासिब नहीं था. हमारे डिप्लोमैटिक चैनल को इस पर ध्यान देना चाहिए. लोगों ने मुझसे कहा कि रवैया मुनासिब नहीं है. हम यूएई को फलते-फूलते देखना चाहते हैं. लेकिन हमारे लोगों के साथ जो हुआ वो इंसानियत के लिहाज से सही नहीं है. “

कैसर ने फ्लाइट कैंसिलेशन और India अमेरिका को ज्यादा तरजीह देने पर अफसोस जताते हुए कहा, ” अनाउंसमेंट हो रही थी कि सिर्फ India और अमेरिका के पासपोर्ट वालों को ही जगह मिलेगी. हमने विरोध किया, लेकिन हमें उनके बर्ताव पर अफसोस है. फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को कमरा दिया गया, जबकि Pakistanी यात्रियों को ठहरने की सुविधा नहीं मिली.”

इस पीड़ा से गुजरने वाले एक प्रतिनिधिमंडल का जिक्र करते हुए उन्होंने आगे कहा, “उस दिन मुझे लगा कि Pakistan के साथ जो बर्ताव हुआ वह ठीक नहीं था. मेरा मानना ​​है कि हमारे पास डिप्लोमैटिक चैनल हैं; उन्हें यह मामला उठाना चाहिए. Pakistanी लोग यूएई Government की इज्जत करते हैं और उससे प्यार करते हैं. अभी मेरे पास एक डेलीगेशन आया और कहा कि हमारे साथ भी जो बर्ताव हुआ वह ठीक नहीं था. अमेरिका-ईरान झगड़े में Pakistan ने बहुत पॉजिटिव रोल निभाया. मैं फॉरेन ऑफिस और फॉरेन डिपार्टमेंट से मांग करता हूं कि इस मसले को उठाया जाए.”

उनकी इस पीड़ा का संज्ञान स्पीकर ने लिया और निर्देश दिया कि इस मुद्दे को यूएई के सामने पूरी गंभीरता से उठाया जाए.

बता दें कि यूएई के जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी (जीसीएए) के पैसेंजर वेलफेयर प्रोग्राम का नियम है कि फ्लाइट रद्द होने या लंबे समय तक देरी पर यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था कराई जाती है. होटल, खाना और दूसरी सुविधाएं उनकी परेशानी और इंतजार के समय के लिहाज से दी जाती हैं. वहीं किसी भी देश का पासपोर्ट देख उसके आधार पर अलग-अलग होटल सुविधा देने का कोई नियम नहीं है.

कैसर बार-बार विकास में Pakistan की मदद का जिक्र कर रहे थे. दरअसल, यूएई में 18 लाख के करीब Pakistanी रहते हैं. इनमें बड़ी संख्या कंस्ट्रक्शन, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी है.

केआर/