तमिलनाडु: कोयंबटूर और मदुरै में बेरोजगारी और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में ‘कॉकरोच’ प्रदर्शन

कोयंबटूर, 24 मई . तमिलनाडु के मदुरै और कोयंबटूर में Sunday को युवा संगठनों ने ‘कॉकरोच’ के बैनर तले प्रदर्शन किया. इन प्रदर्शनों में बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, ईंधन की बढ़ती कीमतों और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया.

डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा आयोजित इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने रोजगार के अवसर और शिक्षा तक समान पहुंच की मांग की.

मदुरै में प्रदर्शनकारी गांधी मेमोरियल म्यूजियम के पास एकत्र हुए और फिर तमुक्कम मैदान की ओर रैली निकाली.

प्रदर्शनकारियों ने कॉकरोच के चिन्ह वाले पोस्टर लिए हुए थे और बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उजागर करने वाले नारे लगाए.

आयोजकों ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य रोजगार के अवसरों और शिक्षा तक पहुंच के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करना है.

कोयंबटूर में भी डीवाईएफआई की जिला इकाई द्वारा इसी तरह का विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया.

कॉकरोच के मुखौटे पहने युवाओं ने गांधीपुरम के सिधापुदुर स्थित कॉर्पोरेशन बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल के पास से शुरू होकर गांधीपुरम बस स्टैंड के पास समाप्त होने वाले जुलूस में भाग लिया.

सुरक्षा बनाए रखने और यातायात को नियंत्रित करने के लिए पूरे मार्ग पर Policeकर्मियों को तैनात किया गया था.

आयोजकों ने कहा कि प्रदर्शनों का उद्देश्य केंद्र Government का ध्यान उन गंभीर मुद्दों की ओर आकर्षित करना था जो देश भर के युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं.

रैलियों के दौरान उठाई गई मांगों में बेरोजगारी से निपटने के उपाय, नीट परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के कदम और शैक्षिक अधिकारों के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय शामिल थे.

अभियान में इस्तेमाल किए गए अनोखे प्रतीकों ने जनता का काफी ध्यान आकर्षित किया, और ‘कॉकरोच’ का प्रतीक विरोध प्रदर्शनों की एक प्रमुख पहचान बन गया.

एमएस/