
Lucknow, 24 मई . यूपी के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की Police व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित तथा तकनीक-आधारित बनाने के लिए Police रेडियो विभाग को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं. Sunday को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में Chief Minister ने कहा कि Police की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी की संभावना नहीं रहनी चाहिए.
उन्होंने निर्देश दिए कि Police रेडियो नेटवर्क को अत्याधुनिक तकनीकों से सशक्त किया जाए तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक निर्बाध संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. Chief Minister ने प्रदेश के सभी Police थानों की cctv फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि इससे कानून व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी. Chief Minister ने बेहतर पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए विभागीय ढांचे को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए. इस क्रम में डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ तथा डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित किए जाने पर विचार किया गया. साथ ही रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के Police अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने तथा वायरलेस सेटों को निष्प्रयोजन घोषित करने से पहले तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई.
बैठक में जानकारी दी गई कि गत वित्तीय वर्ष में संचार उपकरणों की खरीद के अंतर्गत थानों के लिए 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5322 बैटरियां, 120 बैकपैक सेट तथा केबल, चार्जर और एंटीना सहित अन्य सहायक उपकरण खरीदे गए. आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए. रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरणों की खरीद में लगभग 1.23 करोड़ रुपए की बचत हुई.
वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 47 करोड़ रुपए की लागत से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने की योजना है. इसके अतिरिक्त मापक उपकरण, पोर्टेबल संचार के लिए 5जी फिल्टर, दूरस्थ थानों के लिए सेल्फ-सपोर्टेड मास्ट, तथा Police कमिश्नरेट Lucknow के लिए हैंड-हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित किए जाने का प्रस्ताव है.
सीएम योगी ने विभागीय मानव संसाधन प्रबंधन को भी तकनीक आधारित बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन किया जाए तथा चरित्र पंजिका, अवकाश और अन्य सेवा संबंधी कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित हों. उन्होंने कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकों, कंप्यूटर प्रशिक्षण और संचार संदेशों की गुणवत्ता सुधार से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाने पर भी विशेष बल दिया.
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विकेटी/डीकेपी
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