सीएम योगी का ऐलान, भदोही को फिर जाना जाएगा ‘संत रविदास नगर’ के नाम’ से

वाराणसी, 29 जुलाई . संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Wednesday को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भदोही को फिर से ‘संत रविदास नगर’ के नाम से जाना जाएगा और इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी.

सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास जन्मस्थली से भाजपा के ‘समरसता संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करते हुए Chief Minister ने कहा कि संत रविदास सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के प्रतीक हैं. उन्होंने विपक्ष पर महापुरुषों के सम्मान की उपेक्षा और समाज को जाति के आधार पर बांटने की राजनीति करने का आरोप भी लगाया.

सीएम योगी ने कहा कि संत गुरु रविदास ने जाति और भेदभाव से मुक्त समतामूलक समाज का सपना देखा था. उनकी वाणी ‘ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न…’ आज भी सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाती है. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र Government ने बिना किसी भेदभाव के 81 करोड़ लोगों तक मुफ्त राशन पहुंचाकर संत रविदास के समरस समाज के विचार को धरातल पर उतारने का कार्य किया है.

उन्होंने कहा कि केंद्र Government ने जालंधर एयरपोर्ट का नाम संत गुरु रविदास और अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखकर महापुरुषों को सम्मान देने का काम किया है. वहीं, जो लोग समाज को बांटने की राजनीति करते हैं, उन्हें ऐसे फैसले स्वीकार नहीं होते. Chief Minister ने Samajwadi Party पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली Government ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम हटा दिया था, जिसे उनकी Government ने दोबारा बहाल किया. उन्होंने कहा कि औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा गया, जबकि पूर्ववर्ती Government ने संत रविदास के नाम पर बने जिले का नाम भी बदल दिया था.

उन्होंने कहा, “भदोही को फिर से संत रविदास नगर के नाम से जाना जाएगा. संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर हमारी Government इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाएगी.”

Chief Minister ने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में जहां-जहां संत गुरु रविदास, महर्षि वाल्मीकि, बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमाएं बिना छतरी के स्थापित हैं, वहां राज्य Government अपने खर्च पर छतरियों का निर्माण कराएगी. उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश देता है. नई पीढ़ी तक उनके विचार पहुंचाना समय की आवश्यकता है, ताकि समाज में सद्भाव, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की भावना और मजबूत हो सके.

कार्यक्रम में भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत रविदास ने विषमता से ग्रस्त समाज को समानता और भाईचारे का संदेश दिया.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि संत रविदास के विचार आज भी सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक हैं और भाजपा उनकी विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही है.

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने बताया कि संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी का पूजन कर उसे 131 कलशों में संग्रहित किया गया है. यह मिट्टी देशभर के 20 हजार से अधिक स्थानों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि संत रविदास के समरसता और सामाजिक एकता के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा सके.

विकेटी/डीकेपी