
New Delhi, 11 जून . तमिलनाडु के Chief Minister सी जोसेफ विजय ने केंद्र Government से राज्य के लिए लंबित 3,284 करोड़ रुपए की शिक्षा निधि जल्द जारी करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि इस राशि को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और तीन-भाषा नीति के क्रियान्वयन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
Prime Minister Narendra Modi की अध्यक्षता में New Delhi में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक को संबोधित करते हुए Chief Minister विजय ने कहा कि शिक्षा एक संवैधानिक जिम्मेदारी है और स्कूल शिक्षा के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता को नीतिगत मतभेदों के आधार पर रोका नहीं जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और राज्य को मिलने वाली शिक्षा निधि को एनईपी या त्रिभाषा नीति अपनाने की शर्त से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
Chief Minister ने तमिलनाडु की दो-भाषा नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य ने इसी मॉडल के माध्यम से साक्षरता, उच्च शिक्षा में नामांकन और मानव विकास सूचकांकों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है.
विजय ने वित्तीय संघवाद (फिस्कल फेडरलिज्म) का मुद्दा उठाते हुए केंद्र से राज्यों के बीच संसाधनों का निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखने, सामाजिक विकास के मानकों में सुधार करने और जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को सफलतापूर्वक लागू करने वाले राज्यों को उचित प्रोत्साहन और मान्यता मिलनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सहित कई दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या वृद्धि को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. ऐसे राज्यों को संसाधनों के आवंटन या संसदीय प्रतिनिधित्व में किसी प्रकार का नुकसान नहीं होना चाहिए.
Chief Minister विजय ने केंद्र Government से महान तमिल साहित्यिक कृति ‘तिरुक्कुरल’ को India का राष्ट्रीय साहित्य घोषित करने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि संत कवि तिरुवल्लुवर द्वारा रचित यह ग्रंथ भाषा, क्षेत्र और धर्म की सीमाओं से परे मानवता के लिए सार्वभौमिक मूल्यों का संदेश देता है.
Chief Minister ने श्रीलंका और Pakistan में हिरासत में रखे गए तमिलनाडु के मछुआरों और उनकी नौकाओं का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने केंद्र Government से तत्काल कूटनीतिक प्रयास कर मछुआरों और उनकी नौकाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि हजारों तटीय परिवारों की आजीविका मछली पकड़ने पर निर्भर है, इसलिए मछुआरों की बार-बार होने वाली गिरफ्तारियों को रोकने और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार कूटनीतिक संवाद आवश्यक है.
बैठक में Chief Minister विजय ने शिक्षा, राज्यों के अधिकार, सांस्कृतिक पहचान और मछुआरों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर जोर देते हुए संघीय ढांचे में राज्यों की स्वायत्तता और समान व्यवहार की मांग दोहराई.
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डीकेपी
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