24 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में गिरफ्तार 14 लोगों में से कोई भी छात्र नहीं : सीएम सुवेंदु अधिकारी

कोलकाता, 26 जुलाई . Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Sunday को कहा कि 24 जुलाई को कोलकाता में नीट परीक्षा पेपर लीक और अन्य परीक्षा घोटालों के खिलाफ विरोध रैली के दौरान Policeकर्मियों और पत्रकारों पर हुए हमलों और हिंसा के सिलसिले में अब तक गिरफ्तार किए गए 14 लोगों में से कोई भी छात्र नहीं था.

उनके मुताबिक, cctv फुटेज और वीडियो के जरिए दोषियों के तौर पर पहचाने गए ये लोग असल में कट्टरपंथी थे, जिनका मकसद Friday को शहर में बड़ी गड़बड़ी फैलाना था. वे विरोध रैली में छात्र कार्यकर्ताओं का रूप धरकर इकट्ठा हुए थे.

Chief Minister ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, “उनका एकमात्र मकसद राज्य और देश में शांति भंग करना था. उन सभी के खिलाफ हाल ही में लागू ‘पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिनियम, 2026’ के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें असामाजिक और हिंसक गतिविधियों के खिलाफ सख्त उपायों का प्रावधान है.”

उन्होंने कहा कि छात्र बनकर विरोध रैली में शामिल हुए इन गिरफ्तार लोगों का असली मकसद शायद उस उद्देश्य से अलग रहा होगा जिसके लिए विरोध मार्च आयोजित किया गया था.

उनके मुताबिक, Friday की हिंसा राज्य में बड़ी संख्या में ‘खारिजी’ (गैर-मान्यता प्राप्त) मदरसों की गतिविधियों की जांच शुरू करने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली Government के फैसले के बाद गुस्से का एक गुप्त इजहार हो सकती है.

Chief Minister ने कहा, “नई राज्य Government ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाणपत्रों पर कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले को लागू किया. इसने सार्वजनिक रूप से जानवरों की हत्या के खिलाफ कानून लागू किया. ध्वनि नीति (साउंड पॉलिसी) में नियम लागू किए गए हैं. हो सकता है कि इन घटनाक्रमों से नाराज होकर उपद्रवियों के एक समूह ने यह शरारत की हो.”

अब तक Friday की हिंसा के सिलसिले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से 11 लोगों को Saturday रात तक गिरफ्तार किया गया था,और बाकी तीन को Saturday रात से Sunday सुबह के बीच गिरफ्तार किया गया.

Police ने अब तक रैली के दौरान हिंसा में शामिल 70 लोगों की पहचान की है. यह रैली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) और विभिन्न वामपंथी दलों के छात्र और युवा संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी. इस घटना के सिलसिले में सात First Information Report दर्ज की गई हैं, जिनमें शहर की Police की ओर से दर्ज किया गया एक ‘सुओ मोटो’ (खुद से संज्ञान लेकर दर्ज किया गया) मामला भी शामिल है.

एएसएच/पीएम