
New Delhi, 11 जून . ओमान के तट पर और होर्मुज स्ट्रेट के पास पलाऊ के झंडे वाले एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी है कि यह हमला अमेरिका की ओर से किया गया था. विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सीडीए (चार्जडी अफेयर्स) के सामने इसका कड़ा विरोध जताया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर और Himachal Pradesh के Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घटना पर दुख जताया और विदेश मंत्रालय से जल्द से जल्द मृतक आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर वापस लाने की अपील की है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “जब पलाऊ के झंडे वाले एमटी सेटेबेलो पर यह हमला हुआ तो हमने अमेरिकी पक्ष के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया. हमने अमेरिकी सीडीए को बुलाया और उन्हें हमलों की चल रही घटनाओं के बारे में अपनी गहरी चिंताओं से अवगत कराया. हमने उनके सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया. ये हमले वहां तैनात अमेरिकी नेवी की तरफ से हुए थे. इन घटनाओं में शामिल तीन जहाज विदेशी झंडे वाले हैं. वे भारतीय मालिकाना हक वाले जहाज नहीं हैं. वे सभी विदेशी फ्लैगशिप हैं.”
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा, “अभी, 562 भारतीय नाविक भारतीय झंडे वाले जहाजों पर हैं, जिनमें होर्मुज के पश्चिम में फारस की खाड़ी क्षेत्र में 329 और होर्मुज के पूर्व में ओमान की खाड़ी में 233 शामिल हैं. पूरे खाड़ी क्षेत्र में कुल 18,000 से ज्यादा भारतीय नाविक हैं.”
Himachal Pradesh के Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ओमान तट के निकट, वाणिज्यिक पोत ‘एमटी सेटेबेलो’ पर हुए हमले में मेरे विधानसभा क्षेत्र नादौन के गलोड़ निवासी आदित्य शर्मा जी के निधन से मन अत्यंत व्यथित है. ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख की घड़ी में संबल दें. शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं परिजनों के साथ हैं.”
भाजपा के सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, “हमारे एक युवा साथी, जो देश से बाहर रहकर अपनी सेवाएं दे रहे थे, उनकी जान चली गई. ना केवल परिवार, बल्कि पूरे Himachal Pradesh में इस घटना से बहुत दुख है. हमने विदेश मंत्री और विदेश मंत्रालय से मांग की है कि वे वहां पर कंपनी के साथ, वहां की Government और भारतीय दूतावास के साथ इस विषय को उठाएं और उनका पार्थिव शरीर जल्द से जल्द परिवार को वापस मिले.”
उन्होंने कहा कि यह मामला दूसरे देश का है. हमने विदेश मंत्रालय और दूतावास से बात की है कि इस घटना के क्या कारण रहे, उसपर बात करें और जो बाकी प्रक्रिया और नियम हैं, उन्हें पूरा करके पार्थिव शरीर वापस लाया जाए और यह पता किया जा सके कि उन्हें भेजने का निर्णय किसने लिया, क्या उनकी सहमति से फैसला लिया गया था या नहीं, यह सब पता चल सके.
Himachal Pradesh के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा, “ओमान में जो हादसा हुआ, उसमें 21 लोगों को बचाया गया और तीन लोगों की जो मौत हुई, उसमें एक Himachal Pradesh का युवक भी शामिल है. Himachal Pradesh की Government विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और कोशिश कर रही है कि जल्द से जल्द उनका पार्थिव शरीर वापस लाया जा सके, ताकि उनका अंतिम संस्कार उनके घर पर हो सके. हमीरपुर के डिप्टी कमिश्नर की बात परिवार से हुई है.”
उन्होंने आगे कहा कि ये जो युद्ध हो रहा है, उसका पूरी दुनिया पर असर पड़ रहा है. खासकर व्यवसाय इससे काफी प्रभावित हो रहा है. दुनियाभर में ज्यादातर सप्लाई मिडिल ईस्ट से हो रही है, India में भी इसका असर देखा जा रहा है. पिछले एक से डेढ़ महीने में डीजल-पेट्रोल की कीमत बढ़ी है. इन सारी चीजों का असर प्रोडक्शन पर भी हो रहा है. अगर युद्ध इसी तरह से चलता रहा, तो ये चीजें प्रभावित होंगी.
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एबीएम
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