सीएम सोरेन ने जन्मदिन पर छात्रों को रिटर्न गिफ्ट में दी लाठियां, वाटर कैनन और टीयर गैस : प्रतुल शाहदेव

रांची, 11 अगस्त . Jharkhand में ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान छात्रों पर हुई Police कार्रवाई को लेकर राजनीति तेज हो गई है. भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सोरेन Government और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि Chief Minister के जन्मदिन पर छात्रों को “रिटर्न गिफ्ट” के तौर पर लाठियां, वाटर कैनन और टीयर गैस मिली.

प्रतुल शाहदेव ने से बात करते हुए कहा कि रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी धांधली हुई थी. इसी के विरोध में कल दो लाख छात्र रांची की सड़कों पर उतरे थे. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कल Chief Minister हेमंत सोरेन का जन्मदिन था. छात्र कह रहे थे कि जन्मदिन मुबारक हो साहब, तुम जियो हजारों साल, और Chief Minister ने रिटर्न गिफ्ट में क्या दिया? उनके ऊपर वाटर कैनन चलाया. उनके ऊपर टीयर गैस चलवाया, लाठियां चलवाई, सर फोड़ दिया.”

उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राहुल गांधी के इशारे पर हुई है. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के इशारे पर Chief Minister हेमंत सोरेन ने यहां लाठियां चलाई हैं. उसके खिलाफ भाजपा के आज लाखों कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में शांतिपूर्वक बंद कराने निकले हैं. कल चार बार छात्रों पर लाठियां चलवाई गई. यह कौन सा प्रजातंत्र है?”

प्रतुल शाहदेव ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “दिल्ली की घटना पर राहुल गांधी Prime Minister के आवास के बाहर धरना देते हैं. हम इंतजार कर रहे हैं कि वह Jharkhand कब आएंगे? यहां के छात्र तो राहुल गांधी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी का नजरिया राज्यों को देखकर बदल जाता है.”

उन्होंने पंचतंत्र की ‘नीला सियार’ की कहानी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी जहां लाठीचार्ज का विरोध करते हैं, वहीं उनकी गठबंधन वाली Government के मंत्री कह रहे हैं कि Police ने संयम बरता है.

उन्होंने कहा, “Government कह रही है Police ने संयम बरता. आज तक हमने रात में चोरों को हाथ की सफाई करते देखा था. लेकिन कल हमने Jharkhand में छात्रों पर हाथ की सफाई देखी. जब चौथी बार लाठीचार्ज हुआ, बेकसूर, निर्दोष छात्रों पर, जो अपना हक मांग रहे थे, तो उस समय अंधेरा छा गया था. अंधेरे में Police ने छात्रों पर, छात्राओं पर बर्बरता से लाठियां मारीं. छात्रों के कपड़े फाड़ दिए गए और बर्बरता की सारी सीमाएं लांघ दी गईं.”

भाजपा प्रवक्ता ने Government के इस दावे पर भी सवाल उठाए कि न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया. उन्होंने कहा, “Government डिफेंड कर रही है कि हमने न्यूनतम बल का प्रयोग किया. अगर यही न्यूनतम बल का प्रयोग है तो अधिक बल प्रयोग में क्या करते आप? गोलियां चलवाते?”

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने छात्रों के धरने के 17वें दिन सिर्फ एक लाइन कहा कि मैं निंदा करता हूं. लेकिन आपको बताना चाहिए कि आप कब आओगे Jharkhand. आप प्रयागराज आए जो यहां से 400 किलोमीटर दूर है, लेकिन रांची आने की जहमत नहीं उठाई. यही है आपका दोहरा चरित्र.”

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी इस पर क्यों नहीं बोल रहे हैं? रांची की धरती पर क्यों नहीं आ रहे हैं? आंदोलन का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हैं? घायल छात्रों को देखने क्यों नहीं जा रहे हैं? यही उनका दोहरा चरित्र दिखाता है. जिन छात्रों का सिर फटा हुआ है, अलग-अलग अस्पतालों में एडमिट हैं, काश राहुल गांधी आज उन्हें देखने आ जाते.”

इस दौरान प्रतुल शाहदेव ने आजादी के बाद से पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम गाए जाने पर भी बात की. उन्होंने कहा, “वंदे मातरम जब भी गाया जाता है तो शरीर में एक रोमांच सा हो उठता है. यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर गाथा से लिया गया है. आनंद मठ में इसका विस्तृत जिक्र है कि कैसे संन्यासियों ने नंगे बदन, घोड़ों पर चलकर तलवारें चमकाईं थीं और जो मुगल थे, जो नवाब थे और जो अंग्रेज थे, उन्हें लोहे के चने चबा दिए थे.”

उन्होंने कहा, “वंदे मातरम राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है. यह पहली बार है जब लाल किले पर यह सुनाई देगा. गर्व है हमें अपने Prime Minister जी पर.”

पीआईएम/एएस