सीएम शिवकुमार ने अपार्टमेंट मालिकों को संपत्ति अधिकार का भरोसा दिया, प्रस्तावित बिल पर सुझाव भी मांगे

Bengaluru, 15 जुलाई . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Wednesday को कहा कि उनकी Government प्रॉपर्टी मालिकों को पूरी ओनरशिप राइट्स (मालिकाना हक) दिलाने और Bengaluru में अपार्टमेंट में रहने वालों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है.

प्रस्तावित ‘कर्नाटक अपार्टमेंट (ओनरशिप एंड मेंटेनेंस) बिल, 2026’ पर अपार्टमेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान शिवकुमार ने कहा कि Government का मकसद Bengaluru को ‘India का दिल’ बनाना और यह पक्का करना है कि नागरिकों की आवाज प्रशासन में दिखे.

इस प्रस्तावित कानून पर लोगों की राय मांगते हुए उन्होंने कहा कि सुझाव और आपत्तियां 6 अगस्त तक Bengaluru विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौडा को भेजी जा सकती हैं.

उन्होंने कहा, “यह बिल प्रॉपर्टी खरीदने वालों के हितों की रक्षा के लिए लाया जा रहा है. हम कानून के दायरे में आने वाले सभी सुझावों और विचारों का स्वागत करते हैं.”

Chief Minister ने कहा, “Government प्रॉपर्टी मालिकों की समस्याओं से पूरी तरह वाकिफ है. जो लोग प्रॉपर्टी खरीदते हैं, उनका उस पर पूरा अधिकार होना चाहिए. लोगों की आवाज ही Government की आवाज बननी चाहिए.”

उन्होंने कहा कि राज्य Government को अपनी प्रस्तावित ‘भू गारंटी’ पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. उन्होंने इसे छठी गारंटी बताया, जिसका मकसद प्रॉपर्टी मालिकों के अधिकारों को सुरक्षित करना है.

शिवकुमार ने कहा कि ज्यादातर परिवारों के लिए घर खरीदना एक बड़ी उपलब्धि होती है और Government रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंटेशन और कब्जा मिलने के बाद की समस्याओं जैसे अलग-अलग चरणों में नागरिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझती है.

उन्होंने कहा, “लोग घर बनाने के लिए जीवन भर कड़ी मेहनत करते हैं. यह कोई आसान काम नहीं है. हमारा मकसद है कि वे अपनी कमाई से खरीदी गई प्रॉपर्टी का पूरा फायदा उठा सकें.”

जमीन और प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने की Government की कोशिशों का जिक्र करते हुए Chief Minister ने कहा कि कर्नाटक में ‘ई-खाता क्रांति’ आई है.

उन्होंने कहा, “Bengaluru में 40 लाख प्रॉपर्टीज में से 26 लाख प्रॉपर्टीज के लिए ई-खाता जारी किए गए हैं. देश में कहीं भी ऐसा कोई दूसरा सिस्टम नहीं है. हम ई-खाता सेवाएं लोगों के दरवाजे तक ले गए हैं.”

शिवकुमार ने कहा कि Government ने अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में सिविक समस्याओं, जैसे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और पीने के पानी की सप्लाई, को हल करने के लिए सुधार किए हैं. उन्होंने कहा कि पानी की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए ग्राउंडवाटर रिचार्ज पहल और कावेरी फेज पांच प्रोजेक्ट जैसे उपाय लागू किए जा रहे हैं.

उन्होंने माना कि कुछ डेवलपर्स ने प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स ट्रांसफर करने में मुश्किलें पैदा की हैं और कहा कि Government ट्रांसफर प्रोसेस को आसान बनाने के लिए उनसे बात करेगी.

Chief Minister ने विकेंद्रीकरण के प्रति Government की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि Bengaluru में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार में आसानी) और गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए पांच नगर निगम बनाने का प्रस्ताव है.

उन्होंने कहा, “हम एयरपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक सिटी और बड़े अपार्टमेंट क्लस्टर के आस-पास के इलाकों की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सत्ता का विकेंद्रीकरण हमारी Government की प्राथमिकताओं में से एक है.”

शिवकुमार ने कहा कि Government Bengaluru की लंबे समय से चली आ रही बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा, “Bengaluru में 1.35 करोड़ वाहन हैं. Government ने सिर्फ गड्ढे भरने और सड़क के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर 4,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं.”

उन्होंने यह भी कहा कि Government पुनर्विकास परियोजनाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को घर बनाने में मदद देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

Chief Minister ने शहर में ऊंची इमारतों (हाई-राइज डेवलपमेंट) की जरूरत पर जोर दिया और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का जिक्र किया, जिसमें 132 किलोमीटर लंबी पेरिफेरल रिंग रोड भी शामिल है, जिसे Bengaluru बिजनेस कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है.

उन्होंने कहा, “दूसरे राज्यों की तुलना में, कर्नाटक ज़मीन अधिग्रहण के लिए किसानों को सबसे ज्यादा मुआवजा पैकेज देने वाले राज्यों में से एक है.”

Bengaluru की बढ़ती वैश्विक अपील पर ज़ोर देते हुए शिवकुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक शहर को एक आकर्षक जगह के तौर पर देखते हैं.

उन्होंने कहा, “दुनिया भर के नेता Bengaluru पर नजर रखे हुए हैं. Mumbai जैसे शहरों की तुलना में यहां प्रॉपर्टी की कीमतें कम हैं, यही वजह है कि निवेशक शहर की ओर आकर्षित हो रहे हैं. दावोस की अपनी यात्रा के दौरान, कई निवेशकों ने Bengaluru में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई.”

उन्होंने कहा कि Bengaluru के लिए प्रस्तावित दूसरा एयरपोर्ट निवेश केंद्र के तौर पर शहर की स्थिति को और मजबूत करेगा.

अपार्टमेंट मालिकों के एक सवाल का जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा कि Government पूरे राज्य में अपार्टमेंट परिसरों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) को अनिवार्य बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है.

इस कार्यक्रम में मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा, बायराथी सुरेश और के.जे. जॉर्ज, बीडीए चेयरमैन एन.ए. हैरिस और अपार्टमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गौड़ा मौजूद थे.

एससीएच/डीकेपी