बाढ़ प्रभावित इलाकों का सीएम सरमा ने किया दौरा, राहत सामग्री की समय पर आपूर्ति का दिया भरोसा

गुवाहाटी, 23 जुलाई . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Thursday को गोलाघाट जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि Government उनकी हर जरूरी जरूरत को समय पर पूरा करेगी और राहत सामग्री की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी.

Chief Minister ने कामरबांधा स्थित सीनियर बेसिक स्कूल और नुमालीगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल में बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया. इन शिविरों में बाढ़ प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से ठहराया गया है.

कामरबांधा राहत शिविर में 178 बाढ़ प्रभावित लोग रह रहे हैं. Chief Minister ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और दैनिक जरूरतों की जानकारी ली. उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों की सभी आवश्यक जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए.

इसके बाद Chief Minister ने नुमालीगढ़ राहत शिविर का भी दौरा किया, जहां 182 लोग, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं, शरण लिए हुए हैं. उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनका हालचाल जाना.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हालिया बाढ़ से गोलाघाट जिले में 25,791 लोग प्रभावित हुए हैं.

दौरे के बाद Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बाढ़ के कारण कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है, पशुधन प्रभावित हुआ है और हजारों परिवारों का सामान्य जीवन अस्त-व्यસ્ત हो गया है. उन्होंने कहा कि राज्य Government प्रभावित लोगों को राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है.

Chief Minister ने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर उनसे बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने बताया है कि केंद्र Government जल्द ही एक अंतर-मंत्रालयी (इंटर-मिनिस्टीरियल) टीम असम भेजेगी, जो बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करेगी और राहत, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र की ओर से दी जाने वाली सहायता का मूल्यांकन करेगी.

उन्होंने कहा कि राज्य Government बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, राहत कार्यों में तेजी लाई जा रही है और अतिरिक्त सहायता के लिए केंद्र Government के साथ समन्वय भी किया जा रहा है.

डीएससी