सीएम पटेल ने महसूल विभाग की तीन दिवसीय चिंतन शिविर का किया उद्घाटन, बोले- पीएम मोदी ने बढ़ाया देश का गौरव

Ahmedabad, 5 मई . Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने राज्य Government के महसूल विभाग की त्रिदिवसीय चिंतन शिविर का शुभारंभ करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि चिंतन शिविर स्वयं के साथ संवाद और सबसे छोटे व्यक्ति के सुख-कल्याण के विचार का सक्षम माध्यम है.

इस संदर्भ में Chief Minister ने कहा कि राज्य Government के महत्वपूर्ण महसूल विभाग और जिले के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में कलेक्टरों की सामूहिक शक्ति से ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के Prime Minister Narendra Modi द्वारा दिए गए कार्यमंत्र को हम Gujarat में सफलतापूर्वक साकार करें.

महसूल विभाग द्वारा अदालज के त्रिमंदिर परिसर में यह त्रिदिवसीय चिंतन शिविर ‘कोलैबोरेट, इननोवेट एंड ट्रांसफॉर्म फॉर बेटर लैंड गवर्नेंस’ विषयवस्तु के साथ आयोजित किया जा रहा है. राज्य के जिला कलेक्टर और महसूल विभाग के अधिकारी इस चिंतन शिविर में सहभागी बने हैं.

Prime Minister Narendra Modi ने हमेशा लोगों के कल्याण और लोकहित के कार्यों की व्यवस्थाएं विकसित कर देश का गौरव बढ़ाया है, इसका उल्लेख Chief Minister ने इस अवसर पर किया.

उन्होंने जोड़ा कि कलेक्टरों के पास व्यापक अधिकार हैं और जब हम जनकल्याण के कार्यों के लिए बैठे हैं, तब चिंता मुक्त रहकर स्पष्टता और संवेदना के साथ समस्याओं का समाधान करना ही हमारा दायित्व होना चाहिए.

Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने महसूली अधिकारियों को यह भी सीख दी कि उनके पास आने वाले लोगों को कोई झिझक न रहे और संतोष की अनुभूति हो, ऐसा व्यवहार और आचरण मुस्कान के साथ करें. इस संदर्भ में उन्होंने दादा भगवान के उपदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया कैसे चलती है, यह समझ हमें विकसित करनी चाहिए और ‘सब कुछ मैं ही करता हूं’ ऐसी आत्मश्लाघा छोड़कर सबके साथ मिलकर काम करने की प्रवृत्ति से ही समस्याओं का समाधान संभव है.

Chief Minister ने राज्य के विकास में महसूल विभाग और जिला कलेक्टरों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की दिशा में सबके साथ मिलकर सामूहिक चिंतन-मंथन से कार्यरत रहें.

उन्होंने ‘विकसित India 2047’ के Prime Minister Narendra Modi द्वारा दिए गए संकल्प को विकसित Gujarat से साकार करने के लिए पूर्ण कार्यनिष्ठा और जनसेवा की प्रतिबद्धता के साथ सेवा में लगे रहने का प्रेरक आह्वान भी शिविरार्थियों को किया.

चिंतन शिविर के शुभारंभ अवसर पर पूज्य दीपकभाई देसाई ने कर्म और सेवा के साथ अध्यात्म को जोड़ने वाले राज्य Government के महसूली अधिकारी-कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने वाला प्रेरणादायक प्रवचन दिया.

अध्यात्म, व्यवहार तथा आचार-विचार पर अपने दृष्टांत प्रस्तुत करते हुए पूज्य दीपकभाई ने कहा कि कर्म के सिद्धांतों और कार्य के उद्देश्य को जानकर दादा भगवान द्वारा दिए गए विचार जैसे चोरी न करना, सेवा-भक्ति के मार्ग पर चलना, परोपकार करना, दान देना, शुद्ध व्यवहार, कर्म को समझना, स्व-कर्म को समझकर व्यवहार ज्ञान प्राप्त करना तथा धर्म और संस्कार के मार्ग पर चलना अत्यंत आवश्यक हैं.

उन्होंने सामान्य जीवन में महत्वपूर्ण आर्थिक व्यवहारों के बारे में नीति से लक्ष्मी प्राप्त करने, माता-पिता के साथ व्यवहार, किसी को भी तनिक भी नुकसान या दुख न पहुंचे, ऐसा व्यवहार करने, क्रोध-लोभ-माया से मुक्त होने और पूर्वजन्म के कर्म तथा जन्म-मरण के चक्र से बाहर निकलने के उद्देश्य से जीवन जीने की प्रेरणा दी.

महसूल राज्य मंत्री संजय सिंह महीड़ा ने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रिया को नागरिकों की सेवा मानकर अंतिम छोर के व्यक्ति की समस्याओं का समाधान करना राज्य Government की प्राथमिकता है. Gujarat Government ने ‘आईओआरए’ और ‘ई-धरा’ जैसे माध्यमों के जरिए ‘फेसलेस’ और ‘पेपरलेस’ गवर्नेंस अपनाकर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन किया है. उद्योगों और सार्वजनिक हित के लिए भूमि आवंटन में ‘जीरो डिले’ नीति और पारदर्शी प्रशासन के कारण Gujarat आज वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना है.

मुख्य सचिव मनोजकुमार दास ने महसूली तंत्र की कार्यक्षमता की सराहना करते हुए ‘विकसित India 2047’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए टेक्नोलॉजी और पारदर्शिता अपनाने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि हाल के समय में महसूल विभाग ने विकास परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन के कार्य में रिकॉर्ड ब्रेक प्रदर्शन किया है. खासकर रिन्यूएबल एनर्जी, विंड एनर्जी और सोलर सेक्टर में Gujarat आज देश में अग्रणी है, जिसमें महसूल विभाग का महत्वपूर्ण योगदान है.

डीएससी