मध्य प्रदेश में निवेश के लिए गुजरात पहुंचे सीएम मोहन यादव, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से की मुलाकात

गांधीनगर, 13 अगस्त . Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव Wednesday को निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से Gujarat दौरे पर रहे. इस दौरान उन्होंने गांधीनगर स्थित आवास पर Gujarat के Chief Minister भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की.

मोहन यादव ने Ahmedabad में आयोजित ‘मेगा निवेश संवाद’ और रोड शो में भाग लेने के बाद Chief Minister भूपेंद्र पटेल से शिष्टाचार भेंट की. इस बैठक में Gujarat के उपChief Minister हर्ष संघवी और जनजातीय विकास राज्यमंत्री जयराम गामित भी मौजूद रहे.

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब Madhya Pradesh Government Gujarat के औद्योगिक समूहों के साथ निवेश संबंधों को मजबूत करने के प्रयास कर रही है. Ahmedabad में आयोजित निवेश संवाद के दौरान सीएम यादव ने Madhya Pradesh में उपलब्ध निवेश अवसरों को उद्योगपतियों के सामने रखा और उन्हें प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का निमंत्रण दिया.

कार्यक्रम का मुख्य फोकस टेक्सटाइल, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार जैसे क्षेत्रों पर रहा.

राज्य Government के अनुसार, Ahmedabad में आयोजित निवेश संवाद के दौरान Madhya Pradesh को 8,635 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इन प्रस्तावों से 5,785 रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है. ये निवेश प्रस्ताव सीमेंट, पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, केमिकल, एयरोस्पेस और रक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं.

निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत मोहन यादव ने प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ 15 से अधिक वन-टू-वन बैठकें भी कीं. इन बैठकों में निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक विस्तार और Madhya Pradesh में उपलब्ध क्षेत्रवार निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई.

Chief Minister ने Gujarat के उद्योग जगत को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में भाग लेने का निमंत्रण देते हुए दोनों राज्यों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया.

उन्होंने Madhya Pradesh और Gujarat को “जुड़वा भाई” बताते हुए कहा कि Gujarat के पास औद्योगिक और व्यावसायिक अनुभव है, जबकि Madhya Pradesh के पास पर्याप्त भूमि, जल संसाधन और देश के मध्य में स्थित होने का भौगोलिक लाभ है. दोनों राज्यों की ये विशेषताएं एक-दूसरे की पूरक हैं.

एएमटी/एबीएम