
भुवनेश्वर, 18 जून . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी के निर्देश के बाद कक्षा 1 से 8 तक की स्कूली पाठ्यपुस्तकों में पाई गई गंभीर त्रुटियों की जांच के लिए Thursday को एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया.
Chief Minister कार्यालय के अनुसार, विकास आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव देवरंजन कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित इस समिति में ओड़िया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के सचिव विजय केतन उपाध्याय और सामान्य प्रशासन एवं लोक शिकायत विभाग की उप सचिव स्मिता पाणि सदस्य के रूप में शामिल हैं.
समिति पाठ्यपुस्तकों में हुई छपाई संबंधी गलतियों की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि ये त्रुटियां किस स्तर पर हुईं. साथ ही, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों या संस्थानों की पहचान भी की जाएगी. समिति को सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
बता दें कि कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तकों में हुई गलतियों के कारण छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. Chief Minister ने Wednesday को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी समीक्षा की थी.
समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि सभी गलतियों को तुरंत सुधारा जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. बैठक में स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, मुख्य सचिव अनु गर्ग और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए.
Chief Minister माझी ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि शैक्षणिक सामग्री में शुद्धता और गुणवत्ता का सर्वोच्च स्तर बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिन्हित सभी त्रुटियों को बिना किसी देरी के ठीक किया जाए.
रिपोर्टों के अनुसार, Odisha पाठ्यचर्या 2025 के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, Odisha द्वारा कक्षा 1 से 8 के लिए तैयार की गई नई पाठ्यपुस्तकों में करीब 1,678 त्रुटियां पाई गई हैं.
इनमें सबसे अधिक 705 गलतियां कक्षा 8 की पुस्तकों में मिली हैं. इनमें ‘जिज्ञासा’ पुस्तक में 294, संस्कृत में 114, सामाजिक विज्ञान में 25 और साहित्य में 31 त्रुटियां शामिल हैं. इसके अलावा अंग्रेजी और गणित की पुस्तकों में भी कई महत्वपूर्ण गलतियां सामने आई हैं.
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एएमटी/डीकेपी
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