‘मिसिंग लिंक’ मामले पर सीएम फडणवीस का विपक्ष पर पलटवार, ‘महाराष्ट्र को बदनाम करेंगे, तो नहीं बख्शूंगा’

Mumbai , 8 जुलाई . Mumbai और उसके आस-पास के शहरों के विकास पर नियम 293 के तहत हुई बहस का जवाब देते हुए, Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Wednesday को विधानसभा में विपक्ष पर कड़ा हमला किया. साथ ही उन्होंने प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए इसे इंजीनियरिंग का एक शानदार वैश्विक नमूना करार दिया.

Mumbai -पुणे ‘मिसिंग लिंक’ एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुए भूस्खलन के बाद social media पर हो रही ट्रोलिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच कड़ा रुख अपनाते हुए, सीएम फडणवीस ने खुद को ‘एब्यूज प्रूफ’ बताया.

7,000 करोड़ रुपए की लागत वाले और हाल ही में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे लगभग 18 घंटे तक ट्रैफिक रुका रहा और Political आरोप शुरू हो गए. विपक्ष ने तुरंत महायुति Government पर निशाना साधा और भ्रष्टाचार के साथ ही संरचनात्मक खामियों का आरोप लगाया.

इस तीखी आलोचना का जवाब देते हुए, Chief Minister फडणवीस ने बिना किसी लाग-लपेट के विपक्षी नेताओं पर सरासर झूठ बोलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “भारी बारिश की वजह से पुणे-Mumbai कनेक्टिंग लिंक का मुद्दा उठाया गया. ऐसे घोर झूठे लोग पैदा हुए हैं. लगता है कि एक करोड़ झूठों के मरने के बाद इनका जन्म हुआ होगा.”

उन्होंने बताया कि पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन Government ने इस प्रोजेक्ट को लगभग खत्म ही कर दिया था. उन्होंने कहा, “पिछली Government के Chief Minister ने दो पेज का नोट लिखकर 14 कारण बताए थे कि ‘मिसिंग लिंक’ क्यों नहीं बनाया जा सकता और फाइल बंद कर दी थी. लेकिन महायुति Government में हिम्मत थी, इसीलिए हमने इसे बनाया.”

Chief Minister फडणवीस ने उन दावों को खारिज कर दिया कि प्रोजेक्ट की संरचनात्मक मजबूती से समझौता किया गया था या जनता का पैसा ‘बर्बाद’ हो गया. उन्होंने सदन को घटना की असलियत बताई. उन्होंने कहा, “भारी बारिश के कारण पहाड़ का मलबा बाहरी आर्च (मेहराब) पर गिरा, जो उस दबाव से टूट गया. मुख्य ढांचे में कोई दरार नहीं है. सुरंग के इंटीग्रेटेड सेफ्टी सिस्टम ने बेहतरीन ढंग से काम किया. इमरजेंसी बटन दबाते ही तीन मिनट के भीतर भारी क्रेनें मौके पर पहुंच गईं.”

उन्होंने कहा कि विपक्ष के दावों को गलत साबित करते हुए, इमरजेंसी टीमों ने मलबा हटाया और 18 घंटे के भीतर इस अहम रास्ते को ट्रैफिक के लिए फिर से खोल दिया.

Chief Minister ने विधानसभा को याद दिलाया कि इस रास्ते में India का सबसे ऊंचा केबल-स्टेयड ब्रिज और दुनिया की सबसे चौड़ी ट्विन टनल (दोहरी सुरंग) शामिल हैं, जो खतरनाक और जोखिम भरे पुराने घाट सेक्शन से पूरी तरह अलग रास्ता बनाती हैं.

ऑनलाइन चलाए जा रहे टारगेटेड कैंपेन का जिक्र करते हुए, Chief Minister फडणवीस ने social media पर ‘पेड ट्रोलर्स’ पर निशाना साधा और उपChief Minister एकनाथ शिंदे के साथ मिलकर अपने प्रशासन की दीर्घकालिक उपलब्धियों पर जोर दिया.

उन्होंने कहा, “देवेंद्र फडणवीस को बुरा-भला कहना ठीक है. मुझे इसकी आदत है. मुझ पर इन बातों का कोई असर नहीं होता. मैंने जिंदगी में एक बात सीखी है, आज से 10 साल बाद, जो लोग आज बुरा-भला कह रहे हैं, वे शायद दिखाई न दें, लेकिन ‘कनेक्टिंग लिंक’ कायम रहेगा, और उस पर देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नाम होंगे. आप मुझे जितना चाहें बदनाम करें, लेकिन अगर आप Maharashtra को बदनाम करेंगे, तो मैं किसी को नहीं बख्शूंगा.”

सीएम फडणवीस ने ऐतिहासिक कोंकण रेलवे और समाजवादी नेता मधु दंडवते की विरासत का जिक्र किया.

सीएम फडणवीस ने याद करते हुए कहा, “जब कोंकण रेलवे की योजना बनाई जा रही थी, तो लोगों ने कहा था कि बार-बार होने वाले भूस्खलन के कारण यह असंभव है. लेकिन मधु दंडवते में इसे बनाने का साहस था. इसके खुलने के बाद 15 सालों तक हर साल भूस्खलन होता रहा. लेकिन हमने सीखा, तकनीकी समाधान निकाले और इसे ठीक किया. अगर हम डर के मारे कोंकण रेलवे कभी बनाते ही नहीं, तो क्या होता?”

उन्होंने कहा, “वसई-विरार में 72 घंटों के भीतर 772 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे बिजली ग्रिड और मोबाइल नेटवर्क ठप हो गए. आपदा प्रबंधन टीमें सेवाओं को बहाल करने के लिए टेलीकॉम और बिजली प्रदाताओं के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. कोंकण क्षेत्र के सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में तत्काल आपातकालीन फंड जारी किए गए हैं, जिसमें मुफ्त भोजन वितरण की व्यवस्था भी शामिल है.”

सीएम फडणवीस ने राज्य के लिए एक बड़ी वित्तीय उपलब्धि की भी घोषणा की. उन्होंने बताया कि बृहन्Mumbai नगर निगम (बीएमसी) को केंद्रीय जीईएम (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल पर स्थानांतरित करने से 1,032 करोड़ रुपए के बढ़े हुए टेंडर सफलतापूर्वक रद्द हो गए, जिससे सरकारी खजाने की भारी बचत हुई.

एससीएच/एबीएम