
चंडीगढ़, 17 अप्रैल . तीन दिनों के भीतर आम आदमी पार्टी के दो नेताओं के घरों पर ईडी की छापेमारी के बाद पंजाब के Chief Minister भगवंत सिंह मान ने Friday को भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके पंजाब में अपना चुनाव अभियान शुरू कर रही है.
Chief Minister मान ने कहा कि जो पार्टी 117 उम्मीदवार भी नहीं ढूंढ पा रही है, वह जनता का समर्थन जीतने के बजाय डर फैलाने की कोशिश कर रही है.
Chief Minister ने जोर देकर कहा कि विपक्षी Governmentों को फंड रोकने, Governorों, ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग के जरिए परेशान किया जा रहा है, जबकि भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को ‘वॉशिंग मशीन’ से साफ कर दिया जाता है. उन्होंने कहा कि आप डरने वाली नहीं है और पंजाबियों का सिर कट सकता है, लेकिन वे डर के आगे झुकेंगे नहीं. उन्होंने भाजपा से कहा कि 2027 के लिए तैयार रहे और जनता के बीच जाकर काम करे, न कि छापों और दबाव की राजनीति पर निर्भर रहे.
सीएम मान ने मीडिया से कहा, ”हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहलाता है. यहां लोग अपनी चुनी हुई Government चुनते हैं. केंद्र Government का कर्तव्य है कि वह हर राज्य को उसका अधिकार दे, वह भी राजनीति और दलगत हितों से ऊपर उठकर. लेकिन पिछले कुछ समय से हम देख रहे हैं कि लोकतंत्र को धीरे-धीरे दबाया जा रहा है.”
उन्होंने कहा, ”सभी गैर-भाजपा Governmentों को परेशान किया जा रहा है, या तो केंद्र से फंड रोककर या Governorों के जरिए.”
भाजपा पर निशाना साधते हुए सीएम मान ने कहा, ”आप को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि यह तेजी से बढ़ती पार्टी है. मात्र 10 साल में यह राष्ट्रीय पार्टी बन गई. भाजपा को लगता है कि वे कांग्रेस को संभाल सकते हैं और कई बार कांग्रेस के साथ मिलकर भी काम करते हैं, लेकिन वे किसी तीसरे विकल्प को उभरने नहीं देना चाहते. ”
उन्होंने कहा कि इसी प्रक्रिया में दिल्ली में हमारे नेताओं पर फर्जी ईडी केस बनाए गए, जैसे कथित शराब घोटाला मामला. हमारे वरिष्ठ नेताओं को जेल भेजा गया. Chief Minister अरविंद केजरीवाल, उपChief Minister मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को जेल भेजा गया. जो भी पीछे से काम करने वाले कार्यकर्ता या नीति निर्माता थे, उन्हें भी जेल, धमकी और दबाव का सामना करना पड़ा और कहा गया कि या तो भाजपा जॉइन करो या मुश्किल में पड़ो. यह डर और धमकी की राजनीति अब भी जारी है.
देशभर में एक पैटर्न बताते हुए उन्होंने कहा, ”बंगाल में भी डीजीपी से लेकर कई अधिकारियों को चुनाव से पहले बदला जा रहा है. वे जनता से चुनाव नहीं जीतते, बल्कि ईडी, सीबीआई, चुनाव आयोग और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल करके चुनाव जीतते हैं.”
उन्होंने आगे कहा, ”कुछ दिन पहले ईडी ने आप के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के परिसरों पर छापेमारी की, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी चलाते हैं, जहां करीब 4,000 छात्र पढ़ते हैं. 35 से अधिक देशों के छात्र वहां पढ़ने आते हैं. लेकिन सिर्फ इसलिए कि वे आप के राज्यसभा सांसद हैं, उन्हें अचानक संदिग्ध बना दिया गया.”
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एएमटी/डीकेपी
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