
New Delhi, 5 मई . पंजाब की राजनीति में दलबदल के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने President द्रौपदी मुर्मु से हस्तक्षेप की मांग तेज कर दी है. इसी क्रम में पंजाब के Chief Minister भगवंत मान ने President द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की. इस दौरान उनके साथ कई विधायक और मंत्री भी दिल्ली पहुंचे, हालांकि President से मिलने की अनुमति केवल Chief Minister को ही दी गई.
मुलाकात से पहले पंजाब के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे Chief Minister के नेतृत्व में President के समक्ष एक गंभीर मुद्दा उठाने आए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यसभा सदस्यों को पार्टी ने चुना था, वे बाद में पार्टी छोड़कर अन्य दलों में शामिल हो गए, जो जनता के विश्वास के साथ धोखा है. उन्होंने कहा कि इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी.
पंजाब के मंत्री बलबीर सिंह ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यदि President दलबदल करने वाले नेताओं से मिल सकती हैं, तो उन्हें ‘आप’ के प्रतिनिधियों से भी मिलना चाहिए. उनके अनुसार, यह मामला केवल Political नहीं बल्कि नैतिकता और जनादेश के सम्मान से जुड़ा हुआ है.
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आप के सभी विधायक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने आए हैं. पार्टी के पास पंजाब विधानसभा में 95 विधायकों का समर्थन है और उसी जनादेश के आधार पर वे President के सामने अपनी चिंताएं रख रहे हैं.
हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन राज्यों में अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता में आने की कोशिश करती है, जहां जनता ने उसे नकार दिया है. इसीलिए वे परेशान हो गए हैं और उन्हें यह बात पता भी चल गई है, वो दिन दूर नहीं जब उनको पंजाब की सड़कों पर भी लोगों का विरोध देखने को मिल सकता है.
मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि सभी विधायकों के लिए समय मांगा गया था, लेकिन President भवन से केवल Chief Minister को मिलने की अनुमति दी गई. उन्होंने कहा कि वे अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की सोच के साथ खड़े हैं और पंजाब के तीन करोड़ लोगों की भावनाओं को व्यक्त करने दिल्ली आए हैं.
इसी तरह मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि भले ही सभी को मिलने की अनुमति नहीं मिली, लेकिन पार्टी पूरी तरह एकजुट है. उन्होंने दोहराया कि सभी विधायक और मंत्री Government और Chief Minister के साथ मजबूती से खड़े हैं.
–
एएस
Skip to content