प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सीजेपी ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी

New Delhi, 27 जुलाई . कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने Monday को चेतावनी दी कि अगर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र Government 25 जुलाई को हुए समझौते के तहत किए गए वादों की लिखित कॉपी उपलब्ध नहीं कराती है तो वह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करेगी. सीजेपी ने कहा कि इसी समझौते के तहत नीट पेपर लीक के विरोध में उसका 49 दिनों का आंदोलन समाप्त हुआ था.

राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों को गिरफ्तार किया जा रहा है, वॉलंटियर्स को परेशान किया जा रहा है और नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि पहले आश्वासन दिया गया था कि सभी मौजूदा First Information Report वापस ले ली जाएंगी और कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा.

सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि अगर Tuesday तक लिखित वादे साझा नहीं किए गए तो संगठन को अपना आंदोलन फिर से शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने केंद्र Government द्वारा नीट पेपर लीक से संबंधित आत्महत्या पीड़ितों के परिवारों को ‘अधिकतम संभव मुआवजा’ देने और पार्टी के पांच सूत्री परीक्षा सुधार चार्टर पर विचार करने के कथित वादे को भी दोहराया.

इससे पहले दिन में सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि Government ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने के अपने आश्वासन का पूरी तरह उल्लंघन किया है. उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली और अन्य राज्यों में स्वयंसेवकों को निगरानी और हिरासत का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने सभी First Information Report को तत्काल वापस लेने और नई Police कार्रवाई को रोकने की मांग की.

यह घटनाक्रम केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ तीन दौर की बातचीत के बाद सीजेपी द्वारा अपना आंदोलन स्थगित करने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है. सीजेपी के अनुसार, समझौते में First Information Report वापस लेना, प्रदर्शनकारियों को आगे की कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा, पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा और परीक्षा सुधारों पर विचार करना शामिल था.

सीजेपी सदस्य रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में Police कार्रवाई तेज हो गई है, उन्होंने दावा किया कि असम में कई First Information Report दर्ज की गई हैं, कोलकाता में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बिहार में 86 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

कपिल सिबल ने प्रभावित प्रदर्शनकारियों के लिए कानूनी सहायता की घोषणा करते हुए एक राष्ट्रव्यापी कानूनी सहायता मंच स्थापित करने के लिए 1 करोड़ रुपए देने का वादा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली Police प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए चेहरे की पहचान तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, और निगरानी तथा इस तकनीक के संभावित दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की.

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