सीजेपी प्रदर्शन, वंदे मातरम बिल और जौहर यूनिवर्सिटी पर एसटी हसन ने साधा सरकार पर निशाना

मुरादाबाद, 20 जुलाई . Samajwadi Party (सपा) के सीनियर लीडर डॉ. एसटी हसन ने मौलाना अली जौहर यूनिवर्सिटी, प्रस्तावित वंदे मातरम बिल, जंतर-मंतर मार्च पर लाठीचार्ज, Samajwadi Party पर भाजपा के आरोपों, कांवड़ यात्रा और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की प्रस्तावित रैली पर आसिम राजा की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की.

एसटी हसन ने से कहा, “उनके लगाए गए आरोपों का कोई मतलब नहीं है. ऐसे लोग बस वही कहते हैं जो उन्हें कहने के लिए कहा जाता है. मैं वह व्यक्ति हूं, जो यूनिवर्सिटी की नींव रखने से लेकर उसके उद्घाटन तक आजम खान के साथ खड़ा रहा. मेरा भी यूनिवर्सिटी से भावनात्मक जुड़ाव है. मैंने बस इतना कहा था कि गवर्नर और Chief Minister को दखल देना चाहिए और कोई समाधान निकालना चाहिए ताकि शिक्षा का मंदिर न तोड़ा जाए और कोई बुलडोजर न चलाया जाए.”

उन्‍होंने कहा कि जिन लोगों ने मुझ पर आरोप लगाया है, उन्‍हें मेरे बयान को पढ़ने की जरूरत है.

सपा नेता आजम खान द्वारा स्थापित यूनिवर्सिटी में 38 इमारतों को गिराए जाने और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर उनके बयान पर Samajwadi Party के नेता एसटी हसन कहते हैं, “ऐसे ही लोग आजम खान को गुमराह करते हैं. वह सीधे-सादे और ईमानदार व्यक्ति हैं, इसलिए वह उनकी बातों पर भरोसा कर लेते हैं और कभी-कभी उनकी बातों से परेशान हो जाते हैं. मेरी राय में, ऐसे लोग अपनी प्रोफाइल बढ़ाने और अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ऐसे बयान देते हैं.”

पिछली Governmentों के दौरान कांवड़ यात्रा रोके जाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए Samajwadi Party के नेता एसटी हसन कहते हैं, “मुझे बताइए, कांवड़ यात्रा कब रोकी गई? इसे कभी नहीं रोका गया. Supreme Court के निर्देशों का पालन किया गया, लेकिन यात्रा कभी नहीं रोकी गई. लोग सच्चाई जानते हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जाना चाहिए. यह एक धार्मिक यात्रा है. हमारी अपील है कि यात्रा के दौरान कोई गुंडागर्दी न हो और कानून का पालन किया जाए. हम मुसलमान भी कांवड़ यात्रा का स्वागत करते हैं.”

मुरादाबाद में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की प्रस्तावित रैली पर एसटी हसन ने कहा, “चुनाव नजदीक आ रहे हैं और उनकी भी एक Political पार्टी है. हर पार्टी को प्रचार करने और जनता तक पहुंचने का अधिकार है. वे भी वही कर रहे हैं.”

वंदे मातरम बिल पर सपा नेता हसन ने कहा, “वंदे मातरम को लेकर विवाद ब्रिटिश काल से चला आ रहा है. आज इसे फिर क्यों उठाया जा रहा है? आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं, राम मंदिर चंदा चोरी का मुद्दा है और सीजेपी विरोध प्रदर्शन कर रही है. इन सभी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वे सांप्रदायिक मुद्दा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. हम मुसलमान देश के लिए अपनी इज्‍जत, दौलत और अपनी जान तक कुर्बान कर सकते हैं, और हमने अतीत में यह साबित भी किया है. हम देश के लिए खुद को कुर्बान करने को तैयार हैं. लेकिन अगर कोई हमसे जमीन की पूजा करने के लिए कहता है, तो इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता. हम अल्लाह के अलावा किसी और की पूजा या इबादत नहीं कर सकते.”

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन पर सपा नेता एसटी हसन ने कहा, “जिस तरह से युवाओं पर लाठीचार्ज किया जा रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. वे देश का भविष्य हैं और जायज मांगें उठा रहे हैं. वे बस निष्पक्ष परीक्षा और भ्रष्टाचार का अंत चाहते हैं. आज देश में शायद ही कोई ऐसी परीक्षा हो जो भ्रष्टाचार से मुक्त हो. एक पूरा माफिया काम कर रहा है और कुछ लोगों के लिए यह एक धंधा बन गया है. अगर वे संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो इसमें क्या गलत है?”

भाजपा के इस आरोप पर कि Samajwadi Party ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को ‘हाईजैक’ कर लिया है, एसटी हसन कहते हैं, “यह हाईजैकिंग कैसे है? अगर कोई सही मुद्दा उठा रहा है, तो क्या उनका समर्थन करना हाईजैकिंग है? अगर Samajwadi Party देश के युवाओं, देश के भविष्य और न्याय के हित में खड़ी है, तो क्या समस्या है? आपको भी आगे आना चाहिए. अगर आपने पहले ही मंत्री का इस्तीफा सुनिश्चित किया होता और देश को भरोसा दिलाया होता कि अब कोई भ्रष्टाचार नहीं होगा, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती.”

एसटी हसन ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कहा, “यह साफ है कि भगवान श्रीराम के मंदिर के अंदर जो कुछ भी हुआ है, वह बहुत परेशान करने वाला है. एक मुसलमान होने के नाते भी, मुझे मंदिर में हुई चोरी से अपमान महसूस होता है. अगर इसे करने वाले वही लोग हैं जो भगवान राम के नाम के सहारे सत्ता के ऊंचे पदों पर पहुंचे हैं, तो क्या इसकी निष्पक्ष जांच नहीं होनी चाहिए? मैं कहना चाहता हूं कि इसकी पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. चाहे कोई व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली या हाई-प्रोफाइल क्यों न हो, अगर दोषी पाया जाता है तो उसे जनता के सामने लाया जाना चाहिए और कानून के मुताबिक सजा दी जानी चाहिए.”

एएसएच/एबीएम