झारखंड: जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में कार्रवाई, सीआईडी ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार

रांची, 4 अगस्त . Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने Tuesday को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया. इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है.

सीआईडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार को साक्ष्यों के आधार पर 4 अगस्त को गिरफ्तार किया गया. इनके खिलाफ सीआईडी थाना कांड संख्या 16/26, दिनांक 22 जुलाई 2026 में कार्रवाई की गई है.

जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर परीक्षा संचालन को प्रभावित करने का आरोप है. सीआईडी ने बताया कि तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी अलग-अलग थाना क्षेत्र से की गई है.

इसी बीच, जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच Chief Minister हेमंत सोरेन ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है.

रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में Chief Minister ने कहा कि राज्य Government इस पूरे मामले को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देख रही है.

उन्होंने कहा, “यह संवेदनशील Government है, जो न्याय देने में विश्वास रखती है. हमारे युवा साथियों को संविधान और कानून के दायरे में निश्चित रूप से न्याय मिलेगा.”

Chief Minister ने कहा कि Government मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद राज्य की जनता और छात्रों को पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी.

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में परीक्षाओं में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन Tuesday को 11वें दिन भी जारी रहा.

बता दें कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे 6 अगस्त को Jharkhand विधानसभा का घेराव करेंगे.

आंदोलनकारियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार होने वाली अनियमितताओं से योग्य उम्मीदवारों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है और भर्ती प्रक्रिया में जनता का विश्वास कम हो रहा है.

एएमटी/डीकेपी