बच्चें हैं देश का भविष्य, इनकी सुरक्षा व संरक्षण के लिए संवेदनषीलता जरूरी – भट्ट

राजस्थान (Rajasthan) पुलिस (Police) एकादमी और यूनिसेफ के रेंज स्तरीय प्रषिक्षण में पहुंचे संभागीय आयुक्त

उदयपुर (Udaipur). राजस्थान (Rajasthan) पुलिस (Police) अकादमी तथा यूनिसेफ राजस्थान (Rajasthan) के संयुक्त तत्वावधान में उदयपुर (Udaipur) पुलिस (Police) लाईन स्थित सभागार में तीन दिवसीय रेंज स्तर प्रशिक्षण का शुभारम्भ सभांगीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट ने किया. बाल संरक्षण संबंधित अधिनियमों पर रेंज के सभी जिलों के विशेष किशोर पुलिस (Police) इकाईयों, थानों में पदस्थापित बाल कल्याण पुलिस (Police) अधिकारी एवं एचटीयू प्रभारी, सीडब्ल्यूसी मेम्बर के लिए आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए संभागीय आयुक्त ने कहा कि बच्चें भावी नागरिक हैं, इन्हें कानूनन विषेष अधिकार दिए गए हैं ऐसे में इनके संरक्षण में माता-पिता से लेकर सभी संरचनाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है.

भट्ट ने बच्चों को देष की सर्वोच्च निधि और देश के भविष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए पुलिस (Police) अधिकारियों में बच्चों के विरूद्व होने वाले अपराधों और विधि से संघर्षरत किशोर और देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले अधिकारियों के संबंध में कार्यवाही करते समय अपेक्षित संवेदनशीलता और विधिक प्रक्रियाओं के ज्ञान की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने बाल अधिकारों के संरक्षण और बच्चों के विकास और कल्याण का मार्ग प्रषस्त करने का आह्वान किया और कहा कि बच्चों के विरूद्ध अपराध करने वाले व्यक्तियों के विरूद्व भी कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए.

उन्हांेने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता के बारे में बताते हुए कहा कि राजस्थान (Rajasthan) पुलिस (Police) अकादमी द्वारा आयोजित कराए जा रहे इस प्रकार की कार्य षालाओं से नए अधिनियमों और नियमों पर जानकारी मिलती है, जिसका लाभ अधिकारियों को लेना चाहिए. राजस्थान (Rajasthan) पुलिस (Police) अकादमी के अतिरिक्त पुलिस (Police) अधीक्षक सौरभ कोठारी ने संभागीय आयुक्त का स्वागत किया. इस दौरान कोठारी ने प्रतिभागियों का अभिमुखीकरण किया. उन्होंने जुविनाईल जस्टिस एक्ट 2015  व प्रावधान पर प्रकाश डाला.

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में बाल संरक्षण सलाहकार सिन्धु बिनुजीत ने बाल अधिकारों तथा बालमैत्री व्यवस्थाओं पर प्रशिक्षण दिया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा बाल अधिकारों के प्रमुख सिद्धान्तों, बाल अधिकारों के इतिहास तथा बालमैत्री पुलिस (Police) व्यवस्थाओं तथा उदयपुर (Udaipur) रेंज पुलिस (Police) द्वारा किए जा रहे कम्युनिटी पुलिस (Police)िंग टू बिल्ड अवेयरनेस एण्ड ट्रस्ट कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी.

प्रशिक्षण में लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम एवं मानव तस्करी विषयक कानूनों-अनैतिक मानव व्यापार रोकथाम अधिनियम पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भीलवाडा सचिव महेन्द्र कुमार दवे (एडीजे) ने अधिकारियों को विधिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया. उन्होंने लैंगिक अपराधों के मामलों में अनुसंधान प्रक्रियाओं तथा विधिक प्रक्रियाओं के बारे में कार्यशाला में उपस्थित विशेष किशोर पुलिस (Police) इकाइयों, थानों में पदस्थापित बाल कल्याण पुलिस (Police) अधिकारी एवं एचटीयू प्रभारी, सीडब्ल्यूसी मेम्बर, चाईल्ड लाईन, महिला सलाह सुरक्षा केन्द्र के अधिकारियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया. अधिकारियों ने न्यायिक अधिकारियों से प्रक्रियाओं में आने वाली समस्याआंे से संबंधित प्रश्न पूछे जिनके जवाब प्रशिक्षण प्रदाताओं ने दिए.

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस (Police) अधीक्षक (अपराध एवं सतर्कता) श्रीमती स्वाति शर्मा, राजस्थान (Rajasthan) पुलिस (Police) अकादमी के पुलिस (Police) निरीक्षक धीरज वर्मा, यूनिसेफ राजस्थान (Rajasthan) के सलाहकार विश्वास शर्मा सहित सभी जिलों के प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे. तीन दिवसीय कार्यषाला में आगामी दिनों में किषोर न्याय अधिनियम, बाल संरक्षण से ंसबंधित विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा.

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