मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को दिए निर्देश: अपराधियों के खिलाफ तुरंत दर्ज किए जाएं केस, तेजी से करें जांच

चेन्नई, 25 मई . कोयंबटूर में नाबालिग बच्ची की हत्या के बाद तमिलनाडु के Chief Minister सी. जोसेफ विजय का रुख सख्त है. Chief Minister ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जघन्य अपराधों करने वाले लोगों के खिलाफ तुरंत मामले दर्ज किए जाएं, तेजी से जांच की जाए, प्रभावी ढंग से मुकदमा चलाया जाए और कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए.

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों, कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाने, निवारक उपायों और जागरूकता पैदा करने के संबंध में तमिलनाडु के Chief Minister सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में Monday को सचिवालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में Police विभाग, समाज कल्याण विभाग और महाधिवक्ता कार्यालय के अधिकारियों ने भाग लिया.

Chief Minister ने जोर दिया कि यौन अपराध के मामलों की त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि मामलों का उचित संचालन और कड़ी सजा सुनिश्चित करना आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की योजना बनाने वालों के लिए एक निवारक के रूप में कार्य करेगा.

इससे पहले 23 मई को तमिलनाडु Government ने लोक निर्माण, विद्युत, ग्रामीण विकास और नगर प्रशासन सहित कई प्रमुख विभागों में जारी की गई 100 से अधिक अल्पकालिक निविदाएं रद्द कर दी थी. Chief Minister सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नवगठित Government द्वारा यह कदम प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने और लोक निर्माण अनुबंधों में अधिक पारदर्शिता लाने के व्यापक प्रयासों के तहत उठाया गया है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 13 मई से 22 मई के बीच विभिन्न विभागों में जारी की गई निविदाओं की पहचान कर उन्हें रद्द कर दिया गया है. प्रभावित विभागों में ग्रामीण विकास विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), विद्युत विभाग, चेन्नई नगर निगम, नगर प्रशासन विभाग और जल आपूर्ति विभाग शामिल हैं.

अधिकारियों ने कहा कि इन निविदाओं को रद्द करने का निर्णय प्रशासनिक कारणों से लिया गया है, हालांकि प्रभावित परियोजनाओं या उनसे जुड़ी वित्तीय राशि के बारे में तत्काल कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई. Government ने इससे पहले भी अल्पकालिक निविदाओं के मुद्दे पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी. चेन्नई नगर निगम और ग्रामीण विकास विभाग में, निर्देशों के बावजूद कथित तौर पर ऐसी निविदाएं जारी करने वाले अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था.

ओपी/एएस