
New Delhi, 23 मई . India निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार Saturday को उत्तराखंड के सीमांत जिले उत्तरकाशी में पोलिंग बूथों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यों का जायजा लेने पहुंचे. मुख्य निर्वाचन आयुक्त का यह दौरा भारत-चीन सीमा से सटे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में चुनावी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने तथा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने भारत-चीन सीमा से सटे सीमांत गांव हर्षिल में स्थापित पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने बीएलओ के साथ विस्तृत संवाद किया तथा एसआईआर की मैपिंग आदि के बारे में जानकारी ली. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बीएलओ मिंटू देवी के उत्कृष्ट कार्यों और एसआईआर की विस्तृत जानकारी देने के लिए उनकी सराहना की. इसके बाद वे गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुए. गंगोत्री धाम पहुंचकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त विशेष पूजा-अर्चना करेंगे. इसके बाद वह एसआईआर को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे.
इससे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सीमांत क्षेत्र स्थित झाला हेलीपैड पहुंचने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, एडीएम मुक्ता मिश्र समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया. इसके बाद ज्ञानेश कुमार अधिकारियों के साथ भारत-चीन सीमा से सटे हर्षिल क्षेत्र पहुंचे. मुख्य निर्वाचन आयुक्त का यह दौरा सीमांत क्षेत्रों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में चुनाव आयोग की सक्रियता से स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है.
बता दें कि हर्षिल उत्तरकाशी जिले में भागीरथी नदी के तट पर स्थित एक बेहद खूबसूरत और शांत पर्वतीय गांव है. यह गांव अपने सेब के बागों, देवदार के जंगलों और बर्फ से ढके पहाड़ों के कारण “मिनी स्विट्जरलैंड” के रूप में प्रसिद्ध है. यह गंगोत्री धाम के मार्ग पर स्थित है और चारधाम यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है. सर्दियों के दौरान जब गंगोत्री में भारी बर्फबारी होती है, तब मां गंगा की मूर्ति को हर्षिल के पास स्थित मुखवा गांव में लाया जाता है, जहां उनकी पूजा की जाती है.
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ओपी/एएस
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