छत्तीसगढ़: अंतर-राज्यीय हथियार गिरोह का भंडाफोड़; देसी पिस्तौल और नकदी के साथ चार गिरफ्तार

महासमुंद, 10 अगस्त . महासमुंद Police को एक बड़ी कामयाबी मिली है. Police ने हथियारों से लैस एक अंतर-राज्यीय गिरोह को अपनी योजना को अंजाम देने से पहले ही रोककर गिरफ्तार कर लिया.

Madhya Pradesh और उत्तर प्रदेश के चार आरोपियों को 9-10 अगस्त, 2026 की देर रात बसना Police स्टेशन इलाके के पलसापली बैरियर पर पकड़ा गया.

बसना Police की एक टीम बैरियर पर गाड़ियों की सघन जांच और गश्त कर रही थी, तभी उन्होंने बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक सफेद मारुति सुजुकी विक्टोरिस कार को रोका. यह गाड़ी Odisha की तरफ से आ रही थी, और इस पर एमपी07/सी0011/टीसी नंबर वाली पीली रंग की अस्थायी टीसी प्लेट लगी थी. कार में चार लोग सवार थे, और उनका व्यवहार संदिग्ध लगा.

तलाशी के दौरान, Police को डैशबोर्ड और सीटों के पास से एक देसी .315 बोर की पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस मिले. कार के अंदर रखे एक बैग से 3.25 लाख रुपए नकद बरामद हुए. आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए. कार और अन्य सामानों को मिलाकर बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग 19.25 लाख रुपए थी.

पूछताछ में पता चला कि इन चारों लोगों ने मिलकर Odisha के बलांगीर से गांजा खरीदने की योजना बनाई थी. वे Police या किसी और के विरोध का सामना करने के लिए अवैध हथियार साथ ले जा रहे थे और उसका इस्तेमाल करने के लिए तैयार थे. सप्लायर से संपर्क न हो पाने के कारण वे नकदी लेकर वापस लौट रहे थे, तभी उन्हें रोक लिया गया.

गिरफ्तार लोगों की पहचान Madhya Pradesh के भिंड जिले के मेहगांव थाना क्षेत्र के देवोरी गांव निवासी उमाशंकर शर्मा (41); Madhya Pradesh के भिंड जिले के बरोही गांव निवासी आकाश कक्कड़ शर्मा उर्फ ​​गोलू (27) और शिवम शर्मा (26); तथा उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खैरागढ़ थाना क्षेत्र के गरिकर्ना गांव निवासी शनि सिंह उर्फ ​​संदीप (32), के रूप में हुई.

बसना Police ने आर्म्स एक्ट की धारा 25 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2)(ए) के तहत मामला दर्ज किया. इन चारों को 10 अगस्त, 2026 को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया.

सतर्क बसना Police टीम की समय पर की गई कार्रवाई ने राज्य की सीमाओं के पार हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी एक गंभीर घटना को होने से रोक दिया.

एससीएच