बेबी प्रोडक्ट्स में रसायनों से आईक्यू होता है प्रभा‎वित -एक ताजा अध्ययन के बाद ‎किया गया दावा

 

नई दिल्ली (New Delhi) . ताजा अध्ययन में पता चला है कि बच्चों के इस्तेमाल में आने वाले कई उत्पादों यानी बेबी प्रोडक्ट्स को अग्निरोधी व लचीला बनाने के लिए अधिक मात्र में रसायनों का इस्तेमाल मासूमों के दिमागी विकास में बाधक बन सकता है. रिसर्च के मुताबिक अब यह खतरा उससे कहीं ज्यादा है. जितना पहले सोचा जा रहा था. ऐसा बताया जा रहा है कि बेबी प्रोडक्ट्स में यूज किए जाने वाला ये रसायन फ्लेम रिटरडेंट्स और प्लास्टिसाइजर के रूप में जाने जाते हैं.

हालिया रिसर्च की रिपोर्ट में बताया गया है कि रिसर्चर्स की टीम ने दर्जनों मानव पशु व सेल आधारित स्टडीज की समीक्षा की और आर्गेनोफास्फेट ईस्टर नामक रसायनों के हल्के स्तर से होने वाले नुकसान का आंकलन किया. स्टडी में पाया गया कि इनसे भी बच्चों के आइक्यू ध्यान व स्मरण शक्ति प्रभावित होती है. इन रसायनों का प्रयोग इलेक्ट्रानिक आइटम, कार की सीट, बच्चों से जुड़े उत्पाद. फर्नीचर व भवन सामग्री के निर्माण में किया जाता है. अमेरिका स्थित नार्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी में न्यूरो एंडोक्राइनोलाजिस्ट और इस स्टडी को लीड करने वाले हीथर पटिसौल का कहना है कि आर्गेनोफास्फेट ईस्टर बच्चे को इसलिए ज्यादा प्रभावित करते हैं. क्योंकि वे नाजुक होते हैं और अपनी साफ-सफाई का खुद ख्याल नहीं रख पाते.बच्चों की स्किन बहुत संवेदनशील होती है. पहले पांच सालों तक काफी देखभाल की जरूरत होती है. इसलिए प्रोडक्ट का चयन करते वक्त पूरी जानकारी ले लें, उसकी रिव्यू पढ़ लें, जानकारों से बातचीत करें.

देखें कि वे क्लिनिकली प्रमाणित हैं या नहीं. खिलौने लेने से पहले रिव्यू पढ़ लें. क्योंकि कई खिलौने जैली वाले आ रहे हैं. ये दिखते काफी खूबसूरत (Surat) हैं. पॉकेट फ्रैंडली भी होते हैं. जैली वाले खिलौने कई बार लीक कर जाते हैं. उनमें कई तरह के कैमिकल होते हैं. खिलौने समय-समय पर साफ करें ताकि बच्चा उन्हें मुंह में डाले तो भी जर्म्स न जाएं. बता दें ‎कि बच्चे की सेहत से कोई भी पेरेंट समझौता नहीं करना चाहते और जब बात स्किन एंड हेयर केयर की हो तो वे और भी ज्यादा चौकस रहते हैं.
 

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