अमेरिका के वीजा सिस्टम में बदलाव भारत के खिलाफ नहीं, ये इमिग्रेशन सुधार का हिस्सा: सर्जियो गोर (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

वाशिंगटन, 27 जून . India में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने ट्रंप Government के आव्रजन नीति को लेकर भारतीयों को भरोसा दिलाने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी वीजा सिस्टम में बदलाव India को टारगेट करके नहीं किए गए हैं. दोनों देशों के बीच संबंध, व्यापार और रक्षा सहयोग बढ़ता रहेगा.

व्हाइट हाउस में न्यूज एजेंसी के साथ एक खास इंटरव्यू में अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा कि Government के इमिग्रेशन सुधार किसी खास देश के लिए उठाए गए कदमों के बजाय पूरे अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम को बदलने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा हैं.

एच-1बी वीजा और अमेरिका में आव्रजन कानूनों के बढ़ते सख्त प्रवर्तन को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बारे में पूछे जाने पर गोर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस मुद्दे को India के खिलाफ उठाया गया कदम समझना चाहिए. यह किसी भी तरह से विशेष रूप से India को निशाना बनाने के लिए नहीं है.”

उन्होंने कहा, “अमेरिका को पूरे इमिग्रेशन सिस्टम, हर तरह के वीजा का जायजा लेना था. बदकिस्मती से पिछली Governmentों के समय हमारी सीमा पूरी तरह खुली थी. यह कुछ ऐसा था जिसे President पहले दिन से ही ठीक करना चाहते थे.”

गोर ने कहा कि गैरकानूनी इमिग्रेशन पर Prime Minister Narendra Modi और President डोनाल्ड ट्रंप के विचार एक जैसे हैं.

उन्होंने कहा, “असल में यह कुछ ऐसा है जिससे Prime Minister जुड़े हुए हैं. जब मैं India में Prime Minister को बोलते हुए सुनता हूं, तो वह गैर-कानूनी माइग्रेंट्स के बारे में बात करते हैं. हम इस बात से सौ फीसदी सहमत हैं.”

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि India की बड़ी आबादी का मतलब है कि अमेरिका इमिग्रेशन प्रक्रिया में बदलावों से ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधारों को सिर्फ India के लिए नहीं देखा जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, “बेशक, India की आबादी बहुत ज्यादा है, इसलिए आप पर इसका असर पड़ता है, लेकिन चीजें चलती रहती हैं.”

गोर ने India में वीजा ऑपरेशन के बड़े स्तर को द्विपक्षीय एक्सचेंज की मजबूती का सबूत बताया. उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, वीजा के मामले में हमारे दूतावास दुनिया की सबसे व्यस्त दूतावास में से एक है. इसलिए लोगों के बीच संबंध बने रहेंगे, व्यापार जारी रहेगा, वाणिज्य जारी रहेगा.”

उन्होंने दोनों देशों के बीच बड़ी रणनीतिक साझेदारी की गहराई पर भी जोर दिया. गोर ने कहा, “India दुनिया में कहीं और से ज्यादा अमेरिका को एक्सपोर्ट करता है. India दुनिया के किसी भी दूसरे देश से ज्यादा अमेरिका के साथ रक्षा अभ्यास करता है. तो हमारे यहां जबरदस्त चीजें हो रही हैं. हम इस पर काम करते रहेंगे.”

ऊर्जा सहयोग को लेकर अमेरिकी राजदूत ने कहा कि New Delhi ने पहले ही अमेरिकी ऊर्जा की खरीदारी बढ़ा दी है और कहा कि सप्लाई में विवधिकरण से India की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमने पहले ही अमेरिका से आने वाली ऊर्जा में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी है. India के लिए यह अच्छी बात है. आप डायवर्सिफाइड होना चाहते हैं. आपकी सारी ऊर्जा सप्लाई एक ही जगह से नहीं आनी चाहिए.”

ईरान से जुड़े हालिया संकट का जिक्र करते हुए गोर ने कहा, “बदकिस्मती से, जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला किया, पूरी दुनिया पर इसका प्रभाव पड़ा. इसलिए अलग-अलग सोर्स होना हर देश के लिए अच्छी बात है.”

भारत, अमेरिका में आने वाले इंटरनेशनल स्टूडेंट्स और स्किल्ड प्रोफेशनल्स के सबसे बड़े सोर्स में से एक बना हुआ है, जबकि भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार में निवेश और ऑपरेशन्स को बढ़ा रही हैं. स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और बिजनेस ट्रैवलर्स का आना-जाना दोनों देशों के संबंधों का एक जरूरी हिस्सा बन गया है.

पिछले दो दशकों में भारत-अमेरिका साझेदारी काफी बढ़ी है, जिसमें रक्षा, तकनीक, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और जरूरी सप्लाई चेन शामिल हैं. इमिग्रेशन और व्यापार पर समय-समय पर नीति में मतभेद होने के बावजूद, दोनों Governmentों ने हमेशा इस संबंध को अपनी सबसे अहम रणनीतिक साझेदारी में से एक बताया है.