राम मंदिर चढ़ावा मामले के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा

अयोध्या, 26 जून . राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर First Information Report दर्ज होने के बाद पूरे प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है. इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया है.

सूत्रों का दावा है कि चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद दोनों पदाधिकारियों पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का दबाव बढ़ रहा था. इसी के चलते उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया.

इस मामले पर उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आरोप सामने आते ही Government ने तत्काल एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे.

बता दें कि Thursday देर रात मंदिर के कर्मचारियों, नकदी गिनने वाले स्टाफ और कुछ पूर्व बैंक अधिकारियों समेत आठ लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई. आरोप है कि इन सभी ने आपसी मिलीभगत से मंदिर की दान राशि का गबन किया.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं. Police ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(ए) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख सदस्य Lucknow मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने गत Tuesday को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ शासन को प्रारंभिक प्रतिवेदन सौंपा था, जिसमें कठोर संस्तुतियां हैं.

हालांकि, First Information Report दर्ज होने के बावजूद कई लोगों ने सवाल उठाए कि कार्रवाई केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक ही सीमित क्यों रही और वरिष्ठ पदाधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई. इसके बाद ट्रस्ट के दो वरिष्ठ सदस्यों के इस्तीफे को इस मामले का बड़ा Political और प्रशासनिक घटनाक्रम माना जा रहा है.

गौरतलब है कि 14 जून को श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश Government ने दान राशि में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था. अब जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

डीएससी