भारतीय रेल में पार्सल आय में मध्य रेल लगातार पहली पायदान पर

मुंबई (Mumbai) , . मध्य रेल ने सभी जोनल रेलवे (Railway)को पीछे छोड़ते हुए सबसे अधिक पार्सल आय अर्जित कर जून 2021 से लगातार अपना नंबर वन स्थान बनाये रखा है. मध्य रेल ने सितंबर 2021 के महीने में 29.43 करोड़ की आय अर्जित की है जो भारतीय रेल में सबसे आधिक है. इस वित्तीय वर्ष 2021-22 की पहली छैमाही में सितंबर तक पार्सल राजस्व रु.143.94 करोड़ अर्जित की गई जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के राजस्व से 283 प्रतिशत अधिक है. इस वर्ष सितंबर तक 3.28 लाख टन भार का पार्सल परिवहन किया गया है. पार्सल यातायात में वृद्धि मुख्य रूप से देश के दूर-दराज के बाजारों में पेरिशेबल यातायात को ले जाने वाली किसान रेल के सफल परिचालन से प्रेरित है. किसान रेल की शुरुआत के बाद से, 2,18,392 टन का परिवहन करते हुए, किसान रेल की 625 सेवाएं चलाई गई हैं.

मध्य रेल के महाप्रबंधक अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि रेलवे (Railway)द्वारा पार्सल परिवहन ग्राहकों के लिए सबसे सुरक्षित, तेज और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है. उन्होंने कहा कि मध्य रेल कोविड की गम्भीर स्थिति के बावजूद पार्सल के परिवहन में निरंतर अग्रणी है. उन्होंने आगे कहा कि किसान रेल एक बड़ी सफलता की कहानी साबित हुई है, जिससे किसानों, छोटे और मध्यम उद्यमियों को बहुत लाभ हुआ है. किसान रेल में यातायात मुख्य रूप से सांगोला, मनमाड, नासिक, भुसावल, रावेर, सावदा से दानापुर, मुजफ्फरपुर, दिल्ली (आदर्शनगर), शालीमार आदि का होता है. सोलापुर क्षेत्र से अनार, अंगूर, नींबू, शिमला (Shimla) मिर्च, लातूर और उस्मानाबाद क्षेत्र से फूल, नासिक क्षेत्र से प्याज, भुसावल क्षेत्र से केले, नागपुर क्षेत्र से संतरे और अन्य फल और सब्जियां किसान रेल के माध्यम से दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल (West Bengal) जैसे दूर के बाजारों में ताजा और जल्दी पहुंची. इससे क्षेत्र के किसानों को बहुत लाभ हुआ है, बड़े बाजारों के साथ अच्छा राजस्व, उपज के लिए अच्छी कीमत, त्वरित परिवहन, न्यूनतम अपव्यय. किसान रेल ग्रामीण महाराष्ट्र (Maharashtra) के लोगों के लिए विकास और समृद्धि का इंजन बन गया है. हाल ही में, गोधानी (नागपुर) से न्यू तिनसुकिया के बीच छह साल की अवधि के लिए हुआ है जिससे 52 करोड़ रुपये की राजस्व के साथ पार्सल कार्गो एक्सप्रेस ट्रेन का एक नया पट्टा अनुबंध दिया गया है.

मुंबई (Mumbai) से शालीमार के बीच एक टाइम टेबल्ड पार्सल स्पेशल ट्रेन भी चल रही है, जो रोजाना 350 टन पार्सल ले जा रही है और चालू वर्ष के दौरान लगभग राजस्व रु. 20.28 करोड़ उत्पन्न कर रही है. नागपुर से दिल्ली के बीच ले जा रहे रेल दूध टैंकरों ने सितंबर 2021 तक 91 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया है. मध्य रेल भिवंडी रोड से अजरा के बीच एक डेडीकेटेड पार्सल कार्गो एक्सप्रेस सेवा चलाने की भी योजना बना रहा है. जलगांव से चांगसारी और संकरैल के लिए पार्सल कार्गो एक्सप्रेस ट्रेन के लिए भी निविदाएं आमंत्रित की गई हैं. पार्सल में मंडलों का प्रदर्शन बहुत उत्साहजनक रहा है. मुंबई (Mumbai) मंडल 53.34 करोड़ रुपये उत्पन्न करके पार्सल राजस्व में अग्रणी है. इसके बाद भुसावल मंडल ने रु 44.23 करोड़. सोलापुर मंडल ने 2.36 करोड़ की तुलना मे रु. 25.38 करोड़ रुपये जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान के राजस्व के साथ 977 प्रतिशत की प्रतिशत वृद्धि प्राप्त करके वृद्धिशील यातायात का मार्ग प्रशस्त किया है. सोलापुर मंडल का सांगोला किसान रेल का हब बन गया है. पिछले डेढ़ साल के दौरान पार्सल यातायात के लिए 22 नए स्टेशन खोले गए जिनमें पिछले साल की कोविड अवधि के दौरान 19 स्टेशन शामिल हैं.

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