
New Delhi, 13 अप्रैल . डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने प्रमुख टेक कंपनियों पोर्टर और गिगिन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस पहल का उद्देश्य रोजगार के नए अवसरों का विस्तार करना और देश के श्रमिकों को तकनीक से जोड़ना है.
इस अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडवीया ने कहा कि Government का लक्ष्य देश के हर श्रमिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि यह समझौता रोजगार के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका तेजी से बढ़ रही है.
मंत्री ने बताया कि पोर्टर और गिगिन के साथ यह साझेदारी India के रोजगार इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है. इसके जरिए तकनीक आधारित रोजगार अवसरों को सरकारी पारदर्शिता और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे श्रमिकों को न केवल काम मिलेगा बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी मिल सकेगा.
पोर्टर एक प्रमुख टेक-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म है, जो वर्तमान में देश के 22 शहरों में अपनी सेवाएं दे रहा है. यह प्लेटफॉर्म ड्राइवर पार्टनर्स को ग्राहकों से जोड़कर लास्ट-माइल डिलीवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इस नई साझेदारी के तहत पोर्टर, नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल पर ड्राइविंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा.
कंपनी ने इस पहल के तहत महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं. पोर्टर का उद्देश्य हर साल लगभग 6 लाख रोजगार अवसर उपलब्ध कराना है, जबकि वर्ष 2030 तक यह आंकड़ा बढ़ाकर करीब 30 लाख तक पहुंचाने की योजना है.
social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मनसुख मांडविया ने लिखा, “युवाओं को नए अवसरों के साथ सशक्त बनाना. आज, नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल ने पोर्टर और गिगिन के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इससे हमारी युवा शक्ति के लिए सालाना लगभग 10 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे.”
उन्होंने आगे लिखा, “Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में Government युवाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और India के कार्यबल को सुदृढ़ करने के प्रति दृढ़ संकल्पित है.”
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