केंद्र सरकार का युवाओं पर फोकस, झारखंड में छात्रों का आवाज दबाया जा रहा: प्रतुल शाहदेव

रांची, 15 अगस्त . स्वतंत्रता दिवस के मौके पर Prime Minister Narendra Modi के संबोधन और Jharkhand के Chief Minister हेमंत सोरेन के भाषण को लेकर भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी का फोकस लगातार युवाओं के विकास और उन्हें अवसर उपलब्ध कराने पर रहा है. इसके साथ ही, महिला आरक्षण, अर्बन नक्सल और Jharkhand में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर भी उन्होंने राज्य Government पर निशाना साधा.

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि India के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है और केंद्र Government की कोशिश युवाओं को अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की है. मुद्रा योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक करीब 45 करोड़ मुद्रा लोन दिए जा चुके हैं. युवाओं को बिना कुछ गिरवी रखे अपना कारोबार शुरू करने के लिए ऋण दिया जा रहा है. उन्होंने स्टैंड-अप इंडिया और इनोवेशन से जुड़ी योजनाओं को भी युवाओं के नए आइडिया को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया.

महिला आरक्षण को लेकर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि केंद्र Government ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का प्रावधान किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, Samajwadi Party और आरजेडी ने इसके संशोधन के प्रयास का समर्थन नहीं किया. वहीं, पीएम मोदी महिलाओं को उनका न्यायोचित अधिकार दिलाना चाहते हैं और केंद्र Government इस दिशा में आगे भी प्रयास करेगी.

Prime Minister मोदी की ओर से ‘अर्बन नक्सल’ संबंधी टिप्पणी पर शाहदेव ने कहा कि सुरक्षा बलों ने देश में नक्सलवाद के प्रभाव को काफी हद तक समाप्त किया है. उन्होंने दावा किया कि अब उन लोगों से भी सतर्क रहने की जरूरत है, जो शहरों में रहकर Naxalite विचारधारा को समर्थन या प्रचार देते हैं. ऐसे तत्वों को Political संरक्षण देने वालों को भी बेनकाब करने की जरूरत है.

Lok Sabha की विशेषाधिकार समिति की ओर से राहुल गांधी को नोटिस दिए जाने पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि संसद में असंसदीय भाषा और आरोपों से संसदीय मर्यादा प्रभावित होती है. उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को अपने बयानों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. भाजपा का मानना है कि इस मामले में उनकी सदस्यता पर भी कार्रवाई होनी चाहिए.

Jharkhand में छात्र आंदोलन को लेकर शाहदेव ने कहा कि भाजपा छात्रों के आंदोलन को सिर्फ नैतिक समर्थन दे रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि Government ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया. उनके मुताबिक छात्रों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिसे उन्होंने आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया. Chief Minister हेमंत सोरेन के स्वतंत्रता दिवस भाषण को शाहदेव ने ‘यूथ सेंट्रिक’ बताया, लेकिन परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता के दावों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब Chief Minister आवास से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, तो Government को उनसे सीधे बातचीत करनी चाहिए, न कि ऑनलाइन प्रतिक्रिया और सुझाव मांगने चाहिए.

शाहदेव ने जेएसएससी-सीजीएल और जेपीएससी से जुड़े कथित पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए Government से पूछा कि जब परीक्षाएं विवादों में रहीं और जांच की जरूरत पड़ी, तो किस पारदर्शी व्यवस्था की बात की जा रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और निष्पक्ष जांच के जरिए होना चाहिए.