वांगचुक के आंदोलन से घबरा गई है केंद्र सरकार, यह लोकतंत्र पर हमला: सौगत रॉय

कोलकाता, 18 जुलाई . तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को अनशन स्थल से अस्पताल ले जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक अपने मुद्दों को लेकर बहादुरी से संघर्ष कर रहे थे.

सांसद सौगत रॉय ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि अगर कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर हुई है तो उस पर टिप्पणी करना मुश्किल है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की वांगचुक की मांग का समर्थन किया जा सकता है. वांगचुक के आंदोलन से केंद्र Government घबरा गई है.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने 21 जुलाई को कोलकाता में होने वाले शहीद दिवस कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कहा कि पार्टी की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है और राज्यभर से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचेंगे. शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं और तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है. आयोजन को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ता पूरी तरह सक्रिय हैं और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं.

प्रस्तावित ‘वंदे मातरम बिल’ पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद ने इसका समर्थन किया. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम देश का राष्ट्रीय गीत है और इसकी गरिमा बनाए रखना जरूरी है. सौगत रॉय ने कहा कि जिस तरह राष्ट्रगान को लेकर कानून मौजूद है, उसी तरह राष्ट्रीय गीत के लिए भी कानून बनाया जाना चाहिए.

केंद्र Government द्वारा पेश किए गए ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर भी सौगत रॉय ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम से जुड़े हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए इसकी प्रतिष्ठा और सम्मान की रक्षा जरूरी है. उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख रखती है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे पर सौगत रॉय ने कहा कि उन्हें दौरे के उद्देश्य की पूरी जानकारी नहीं है. हालांकि उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता कई जगहों पर गुंडागर्दी कर रहे हैं.

उधर, टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने सोनम वांगचुक के मामले को लेकर केंद्र Government पर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि Government आंदोलन से घबरा गई है और इसी वजह से कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि वांगचुक का आंदोलन शांतिपूर्ण था और वह खुद भी संसद मार्च में शामिल होने वाली थीं.

सागरिका घोष ने इसे लोकतंत्र और लोगों के अधिकारों पर हमला बताया. उन्होंने कहा कि टीएमसी संसद में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी. उन्होंने नीट परीक्षा और राम मंदिर से जुड़े कथित मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र Government को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश को केवल सख्ती से नहीं, बल्कि जनता की आवाज सुनकर चलाया जाना चाहिए.