
New Delhi, 12 जून . एक आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्र Government भारतीय नाविकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. Government विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना, विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों, मित्र देशों के समुद्री प्रशासन, शिपिंग कंपनियों, नाविक कल्याण संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नाविकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि Government हर भारतीय नाविक की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा, “सभी संबंधित मंत्रालय, एजेंसियां और विदेशों में स्थित भारतीय मिशन आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता और समर्थन उपलब्ध कराया जा सके.”
हाल के दिनों में इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों से जुड़ी सुरक्षा घटनाओं ने समुद्री परिवहन के सामने बढ़ते खतरों को उजागर किया है.
पलाऊ के झंडे वाले मीडियम रेंज टैंकर एमटी सेटेबेलो पर ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व दिशा में मिसाइल हमला होने की खबर सामने आई थी. इस जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नाविक शामिल थे.
जहाजरानी महानिदेशालय के तहत काम करने वाली सीफेरर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी (एसडब्ल्यूएफएस) प्रभावित नाविकों और उनके परिवारों को पात्रता के अनुसार कल्याणकारी लाभ, वित्तीय सहायता और अन्य जरूरी मदद देने के लिए तैयार है.
निर्धारित प्रक्रिया के तहत एसडब्ल्यूएफएस ने मृतक नाविकों के परिवारों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि देने का निर्णय लिया है.
इस बीच Government ने सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने और भारतीय नाविकों या India के समुद्री हितों से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं.
नौवहन महानिदेशालय ने भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर कार्यरत उन सभी भारतीय नाविकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, जो संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों से होकर गुजर रहे हैं.
जहाज संचालकों, शिप मैनेजरों और शिपिंग कंपनियों को भी मौजूदा समुद्री सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने, हालात पर लगातार नजर रखने और India Government व अंतरराष्ट्रीय प्राधिकरणों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
Government ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया है कि यदि किसी भारतीय नाविक से जुड़ी कोई घटना होती है तो उसकी जानकारी तुरंत नौवहन महानिदेशालय को दी जाए, ताकि समय पर हस्तक्षेप कर आवश्यक सहायता और समन्वय सुनिश्चित किया जा सके.
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डीबीपी
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