
विजयवाड़ा, 4 जून . आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला रेड्डी ने केंद्र पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दावा किया कि केंद्र Government को एक मजबूत अर्थव्यवस्था, विश्वसनीय संस्थाएं और जनता का अपार विश्वास विरासत में मिला था, लेकिन पिछले एक दशक में तीनों को कमजोर कर दिया गया.
वाईएस शर्मिला रेड्डी ने Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आर्थिक स्थिति और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर जताई गई चिंताओं का समर्थन करते हुए कहा कि आज दुनिया बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रही है और ऐसे समय में राहुल गांधी की चेतावनियां बेहद प्रासंगिक साबित हो रही हैं.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार देश को आगाह करते रहे हैं कि केवल प्रचार और कुछ लोगों के हाथों में संपत्ति केंद्रित करने पर आधारित अर्थव्यवस्था बड़े वैश्विक झटकों को झेल नहीं सकती. आज वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच यह बात साफ दिखाई दे रही है.
वाईएस शर्मिला रेड्डी के अनुसार, बढ़ती बेरोजगारी, परिवारों पर आर्थिक दबाव, लोगों की घटती क्रय शक्ति, बढ़ती असमानता और छोटे और मध्यम उद्योगों की परेशानियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की गहरी संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर कर दिया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र Government ने रोजगार सृजन, उत्पादक निवेश, संस्थागत मजबूती और सामाजिक सौहार्द जैसे टिकाऊ विकास के मूल आधारों पर ध्यान देने के बजाय अपनी छवि बनाने और प्रचार पर ज्यादा फोकस किया.
वाईएस शर्मिला रेड्डी ने कहा, “भाजपा ने Political मार्केटिंग की कला में महारत हासिल कर ली है, केवल नारों और प्रचार के सहारे शासन नहीं चलाया जा सकता. इससे देश की आर्थिक मजबूती कमजोर हुई है और लाखों आम भारतीय वैश्विक आर्थिक मंदी के प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए हैं.”
उन्होंने लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं के कथित कमजोर होने पर भी चिंता जताई. उनका कहना था कि जवाबदेही, पारदर्शिता और जनता के विश्वास की रक्षा करने वाली संस्थाओं को कमजोर किया गया है, जिससे लोगों के बीच अविश्वास बढ़ रहा है.
एपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि देशभर के लोग अब भाजपा Government के वादों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ते अंतर को महसूस कर रहे हैं. महंगाई, रोजगार की कमी और आर्थिक अनिश्चितता से लोगों में निराशा बढ़ रही है. India को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो वास्तविक समस्याओं का समाधान करे. राहुल गांधी की चेतावनी देश के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है. India को ऐसी Government चाहिए जो संस्थाओं को मजबूत करे, लोगों की आजीविका की रक्षा करे, युवाओं के लिए अवसर पैदा करे और भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए देश को तैयार करे.
–
एबीएम
Skip to content