केंद्र ने टीडीपी के गरीब-विरोधी अमरावती मॉडल का पर्दाफाश किया: वाईएसआर कांग्रेस

अमरावती, 30 जुलाई . वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने Thursday को दावा किया कि संसद में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन Government के अमरावती में गरीब-विरोधी एजेंडे का पर्दाफाश हो गया है. क्योंकि यह साफ हो गया है कि उसने राज्य की राजधानी में गरीबों के लिए Prime Minister आवास योजना के तहत एक भी घर नहीं मांगा.

वाईएसआरसीपी ने एक बयान में कहा कि Lok Sabha में पार्टी के सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति और राज्यसभा में मेडा रघुनाथ रेड्डी द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने बताया कि आंध्र प्रदेश Government ने अमरावती राजधानी क्षेत्र में गरीब परिवारों के लिए Prime Minister आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत एक भी घर नहीं मांगा.

केंद्र Government ने बताया कि आंध्र प्रदेश ने Prime Minister आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 882.32 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता से 61,084 घरों के लिए मंजूरी हासिल की थी. 17 जून, 2026 को हुई केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति की हालिया बैठक में, राज्य भर के 107 शहरी स्थानीय निकायों के लिए 185.55 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता से 12,370 और घरों को मंजूरी दी गई. फिर भी, राज्य Government द्वारा भेजे गए प्रस्तावों में अमरावती को जानबूझकर बाहर रखा गया.

केंद्र Government ने साफ तौर पर कहा कि Prime Minister आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत मंजूरी पूरी तरह से राज्य Government के प्रस्तावों पर आधारित है. वाईएसआर कांग्रेस ने कहा कि अब सच सबके सामने है. चंद्रबाबू नायडू की Government ने अमरावती में गरीबों के लिए एक भी घर की मांग नहीं की.

पार्टी ने यह सवाल पूछा कि इससे अमरावती को लेकर असली इरादों पर चिंताजनक सवाल उठते हैं. अगर 107 कस्बों और शहरों के लिए प्रस्ताव भेजे जा सकते थे, तो सिर्फ राजधानी शहर में गरीबों के लिए घर क्यों नहीं मांगे गए? क्या चंद्रबाबू नायडू का मानना ​​है कि अमरावती सिर्फ अमीर, प्रभावशाली लोगों और रियल एस्टेट सट्टेबाजों के लिए है? क्या राजधानी में मजदूरों, दिहाड़ी कमाने वालों, कमजोर वर्गों और मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए कोई जगह नहीं है?

गठबंधन Government ने बार-बार दावा किया है कि अमरावती सभी की है. लेकिन उनके अपने काम इसके ठीक उलट हैं. वाईएसआर कांग्रेस का आरोप है कि गरीबों को Prime Minister आवास योजना के तहत घर न देकर Government ने यह साफ कर दिया है कि अमरावती को लेकर उनका नजरिया ‘लोगों की राजधानी’ का नहीं, बल्कि रईस लोगों के हितों और बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट मुनाफे के लिए बनी राजधानी का है.

इसमें कहा गया है कि संसद में दिए गए जवाबों से टीडीपी Government का दोहरा रवैया सामने आया है. एक तरफ तो Government अमरावती को वर्ल्ड-क्लास राजधानी के तौर पर दिखाने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उसने जान-बूझकर सबसे गरीब परिवारों को उसी शहर में अपना घर पाने के मौके से भी वंचित रखा है.

एमएस/