केंद्र ने सभी मंत्रालयों को जीवन और कारोबार को आसान बनाने के लिए सुधारों की पहचान करने के दिए निर्देश, पीएमरेफ पोर्टल पर लॉन्च किया नया मॉड्यूल

New Delhi, 28 जुलाई . केंद्र Government ने सभी मंत्रालयों और विभागों को आम लोगों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ और उद्योगों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बेहतर बनाने वाले सुधारों की पहचान कर उन्हें लागू करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही Government ने इन सुधारों की प्रगति की निगरानी के लिए एक समर्पित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है.

इस पहल के तहत Government ने पीएमरेफ पोर्टल पर नया ‘रिफॉर्म’ मॉड्यूल शुरू किया है, जो Tuesday से काम करना शुरू कर चुका है.

यह पोर्टल एक केंद्रीय रिपॉजिटरी के रूप में कार्य करेगा, जहां सभी मंत्रालय और विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे नीतिगत सुधारों, प्रशासनिक उपायों और सुशासन से जुड़ी पहलों का विवरण अपलोड करेंगे.

Government के निर्देशों के अनुसार, सभी मंत्रालयों को ऐसे सुधारों की पहचान करनी होगी जो प्रक्रियाओं को सरल बनाएं, सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करें और देश में कारोबार के माहौल को अधिक अनुकूल बनाएं. ये सुधार हाई लेवल कमेटी (एचएलसी) की सिफारिशों, अनौपचारिक मंत्रिसमूह (आईजीओएम) के सुझावों या संबंधित मंत्रालयों द्वारा स्वयं तैयार किए गए प्रस्तावों पर आधारित हो सकते हैं.

केंद्र Government ने यह भी अनिवार्य किया है कि सभी मंत्रालय और विभाग अपनी सभी सुधार संबंधी पहलों का विवरण पीएमरेफ पोर्टल पर अपलोड करें और उनकी प्रगति को नियमित रूप से अपडेट करते रहें.

सुधारों की निरंतर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक मंत्रालय को निर्देश दिया गया है कि वह इस सप्ताह से हर Friday दोपहर 12 बजे तक पोर्टल पर अपनी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अपलोड करे.

Government का उद्देश्य इस पहल के जरिए सुधार प्रक्रिया को एक व्यवस्थित ढांचे के तहत संस्थागत रूप देना है, ताकि विभिन्न मंत्रालयों में लागू किए जा रहे नीतिगत और प्रशासनिक सुधारों की प्रभावी निगरानी और समीक्षा की जा सके. इससे मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और सुधार संबंधी उपायों के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी.

पीएमरेफ (Prime Minister रिफरेंस/रिफॉर्म्स) पोर्टल Prime Minister कार्यालय (पीएमओ), केंद्रीय मंत्रालयों और सरकारी विभागों द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म है.

यह नीतिगत सुधारों, प्रशासनिक पहलों और प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी के साथ-साथ प्रगति जैसे प्लेटफॉर्म से भी जुड़ा हुआ है, जिससे विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय, जवाबदेही और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके. इसके माध्यम से Prime Minister कार्यालय और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों, निर्णयों और संदर्भों की भी निगरानी की जाती है.

डीबीपी